close

ApnaTube Android App ab available hai.
Videos dekhiye, points earn kijiye aur apna content upload kijiye. Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.apnatube.in

تا بعدی

Day 130 | 5 Shlok Per Day | यज्ञ-दान-तप का त्याग नहीं, त्याग की त्रिविधता, योगी का परमपद और रस का नि

1 بازدیدها· 15/06/26
Jagatkasaar
Jagatkasaar
170 مشترکین
170
که در

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/06/day-130-5

Day 130 | 5 Shlok Per Day | यज्ञ-दान-तप का त्याग नहीं, त्याग की त्रिविधता, योगी का परमपद और रस का निवृत्त होना

आज के 5 श्लोक बताते हैं कि यज्ञ, दान और तप त्यागने योग्य नहीं बल्कि कर्तव्य हैं, त्याग के तीन स्वरूप होते हैं, योगी वेद-यज्ञ-तप-दान के पुण्यफलों से भी ऊपर उठकर सनातन परमपद पाता है, और स्थितप्रज्ञ पुरुष की विषय-आसक्ति परमात्मा के साक्षात्कार से निवृत्त होती है। 18.5 और 18.4 साधक को सक्रिय कर्तव्य की सही दिशा देते हैं, जबकि 2.59 और 9.5 भीतर की आसक्ति और बाह्य स्थिति का सूक्ष्म भेद समझाते हैं।

Description
Day 130 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: यज्ञ, दान और तप को पावन करने वाले कर्तव्य के रूप में स्वीकार करना (18.5), संन्यास और त्याग के बीच “त्याग” के तीन प्रकारों का निश्चय (18.4), वेद, यज्ञ, तप और दान के पुण्यफलों को भी उल्लंघन कर परम पद प्राप्त करने वाला योगी (8.28), विषयों के हटने पर भी शेष रहने वाली रस-आसक्ति और परमात्मा-दर्शन से उसका क्षय (2.59), तथा भगवान की योगमाया से भूतों की स्थिति और ईश्वरीय स्वरूप का सूक्ष्म रहस्य (9.5)। यह episode Jagat Ka Saar को duty, detachment, transcendence, and inner realization के साथ जोड़ता है.

वीडियो शुरू करने से पहले:

Channel को Subscribe कर लीजिए.

Video को Like कर दीजिए.

इसे Share कीजिए ताकि हर घर गीता का mission आगे बढ़े.

Comment में लिखिए: “मेरा श्लोक = ”

और: “आज का Jagat Ka Saar = ”

Tags
#day130 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #त्याग #परमपद #स्थितप्रज्ञ #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #gitainhindi

بیشتر نشان بده، اطلاعات بیشتر

 0 نظرات sort   مرتب سازی بر اساس


تا بعدی