close

ApnaTube Android App ab available hai.
Videos dekhiye, points earn kijiye aur apna content upload kijiye. Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.apnatube.in

Berikutnya

Day 121 | 5 Shlok Per Day | परम ब्रह्म, यज्ञ का अमृत, आत्मसुख और स्वभावज कर्म

2 Tampilan· 04/06/26
Jagatkasaar
Jagatkasaar
167 Pelanggan
167

⁣आज के 5 श्लोक अर्जुन की दिव्य स्तुति, शोकग्रस्त अर्जुन को श्रीकृष्ण का वचन, यज्ञ के शेष अमृत का महत्व, बाह्य विषयों से विरक्ति में मिलने वाले आत्मसुख, और स्वभाव से बँधे कर्म के अपरिहार्य स्वरूप को साथ रखते हैं। 10.12 और 5.21 साधक को परम सत्य और अक्षय आनंद की ओर ले जाते हैं, जबकि 18.6 कर्म को टालने की इच्छा और उसके भीतर छिपे स्वभाव के बीच का संबंध दिखाता है।
Description
Day 121 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: भगवान को परम ब्रह्म, परम धाम, परम पवित्र, शाश्वत, दिव्य, आदिदेव, अज और विभु कहकर अर्जुन की स्तुति (10.12), शोकाकुल अर्जुन से भगवान का प्रथम संवाद (2.1), यज्ञशेष अमृत के द्वारा सनातन ब्रह्म की प्राप्ति और यज्ञहीन जीवन की असारता (4.31), बाह्य विषयों से असक्त आत्मा को मिलने वाला अक्षय आनंद (5.21), और स्वभावज कर्म से बँधे हुए मनुष्य का परवश होकर कर्म करना (18.6)। यह episode Jagat Ka Saar को divinity, purification, inner bliss, and karmic nature के साथ जोड़ता है.
वीडियो शुरू करने से पहले:
Channel को Subscribe कर लीजिए.
Video को Like कर दीजिए.
इसे Share कीजिए ताकि हर घर गीता का mission आगे बढ़े.
Comment में लिखिए: “मेरा श्लोक = ”
और: “आज का Jagat Ka Saar = ”
Tags
#day121 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #परमब्रह्म #यज्ञ #अक्षयआनंद #स्वभाव #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #gitainhindi

Menampilkan lebih banyak

 0 Komentar sort   Sortir dengan


Berikutnya