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कृष्ण को भी चैन नहीं मिला | Emotional Krishna Rap Poetry

4 Tampilan· 16/01/26
Raju
Raju
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Di

“कृष्ण को भी चैन नहीं मिला | Emotional Krishna Rap Poetry”


कृष्ण को भी चैन नहीं मिला…
जिसे दुनिया भगवान कहती है, उसने मानव बनकर वो सब सहा जो शायद कोई साधारण मनुष्य भी न सह पाए।
जन्म जेल में, माता-पिता से बिछड़ना, बचपन से ही कर्तव्यों का बोझ, वृंदावन और राधा से विरह, धर्म की रक्षा में अपने ही प्रिय जनों को खो देना — यह कविता श्रीकृष्ण के उसी अनकहे दर्द की कहानी है, जिसे इतिहास ने पूजा, पर समझा नहीं।
यह सिर्फ एक कविता या रैप नहीं है,
यह एक प्रश्न है मानव से —
जब ईश्वर ने कर्म, प्रेम और करुणा सिखाई,
तो आज दुनिया में युद्ध, नफ़रत और अहंकार क्यों?
कृष्ण कोई मूर्ति नहीं थे,
वह एक दर्पण थे —
जो जैसा भीतर है, वही उन्हें बाहर दिखा।
अगर यह रचना आपके हृदय को छू जाए,
तो इसे केवल सुनिए नहीं —
अपने जीवन में उतारने का प्रयास कीजिए।
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lyrics:
दुख शुरू थे मेरे जन्म से पहले
जन्म से पहले मेरी मौत इंतज़ार मे ।
कैसे कंहू कहानियाँ
अब सुनो पूरी लंबी कतार में।।

जन्म हुआ मेरा जेल में
माँ बाप का चेहरा मैने देखा नही।
रोती रही माँ देवकी
जुदाई मिली मुझे भेंट में।।

मामा से मिला उपहार ये
मेरे मात पिता लाचार थे।
छः भाईयो को मारा सामने
आँसू थे माँ की आँखों मे।।

वैसे तो था भगवान् मैं
अजीब सा ये खेल है।
मेरे मात पिता मेरे देवता
वो दोनों ही थे जेल में।।

कर्तव्य मिले मुझे जन्म से
बचपन बीता संघर्ष मे ।
जिस माँ ने पाला पोषा मुझे
उससे भी हो गया दूर मैं।।

विधि का क्या विधान था
क्या लेख लिखा था कर्मों का।
तुम ठीक से रो तो लेते हो।
मैं रो भी ना पाया चैन से।।

कहने को मैं सबकुछ था
मैं राजा भी मैं रंक भी।
कष्ठो से भरा था जीवन मेरा
दुखो का मेरे अंत नि।।

खेल कूद की उम्र में
कर्तव्य मेरे अनेक थे।
छुड़वाना था मेरे माता पिता को
कई बरसों से कैद थे।।

धर्म के चलते कर्म से
वो वृंदावन भी छोड़ दिया।
मथुरा की उन गलियों से भी
अपना दामन मोड़ लिया।।

वृंदावन के साथ साथ।
किस्मत भी मेरी रूठ गई।
प्राणों से प्रिय मेरी वो
राधा रानी छूट गई।।

बांसुरी को भी त्याग दिया
सब छोड़–छाड़ के दूर गया।
सुदर्शन धारण करके कान्हा
धुन मुरली की भूल गया।।

धर्म बचाने की खातिर अब
हस्तिनापुर को चला गया मैं।
माखन चोरी करता था कभी
न्यायधीश अब बन गया ।।

समय का चक्र अजीब था
में जीत के भी हार गया।
धर्म बचाने वाले को
दुनिया ने कपटी बता दिया।।

तरह तरह के श्राप मिले
अश्रु की बूंदे सुख गयी।
माँ गांधारी के श्राप से
मेरी द्वारिका नगरी डूब गयी।।

मेरी बाँसुरी भी छूट गयी
मेरी द्वारिका भी डूब गयी।
मैंने क्या ही पाया जीवन से
जब प्रेमिका ही दूर गयी।।

विश्राम करने लेटा था मैं
तीर पैर में आ लगी।
तुम जीते ज़िंदगी चैन से
मुझे मौत चैन की ना मिली।।

मानव के इस रूप में
मैंने जाने क्या क्या देखा।
मेरे वंश का पतन देखा
बर्बरीक का मस्तक देखा।।

द्रौपदी का चीरहरण
अभिमन्यु का अकाल मरण।
कुरूक्षेत्र की भूमि मे
भारी भरकम विध्वंश देखा।।
जब सब कुछ हो गया समाप्त,
रण भी थमा, शंख भी सो गए।
मेरे जाने के बाद भी देखो,
मानव फिर भी कुछ न समझ पाए।
लोगों ने पूछा ईश्वर कहाँ था,
जब धरती रोती, खून बहा?
कोई न पूछे मुझसे ये,
जब अधर्म बढ़ा तो मानव क्या कर रहा था?
मैंने तो गीता दी थी तुमको,
हर प्रश्न का उत्तर उसमें था।
पर ग्रंथों को पूजा तुमने,
जीवन में अर्थ कहीं गुम था।
धर्म को बाँट दिया तुमने,
नाम, जाति और भाषा में।
और मुझे खड़ा कर दिया,
हर एक अपने-अपने पाखंड के आशा में।
मेरे नाम पर युद्ध रचे,
मेरे नाम पर नफ़रत पाली।
मैं प्रेम सिखाता रहा सदा,
तुमने तलवार ही संभाली।
मैंने कहा था—कर्म करो,
फल की चिंता छोड़ दो।
तुमने फल छीने दूसरों के,
और मुझे दोषी ठहरा दो।
मैंने कभी मंदिर नहीं माँगा,
ना मस्जिद, ना दरबार।
मैं तो बस दिल में बसता हूँ,
जहाँ होती है करुणा अपार।
मैं ग्वाला बना, सारथी बना,
दास भी बनकर साथ चला।
पर जब समय आया मानव बनने का,
तो मानव ही पीछे हट चला।
आज भी मेरी गीता पढ़कर,
युद्ध को धर्म बताया जाता है।
और मेरे ही वचनों से,
किसी और का घर जलाया जाता है।
मैं तो रुक गया यहीं कहीं,
नीम की छाँव, पीपल तले।
पर तुम अब भी मुझे ढूँढते हो,
पत्थरों और ऊँचे महलों में।
अगर मैं आज फिर आ भी जाऊँ,
तो क्या बदलेगा इस बार?
फिर से मुझे दोष दोगे तुम,
या उठाओगे खुद ज़िम्मेदार?
मैं ईश्वर नहीं, दर्पण हूँ,
जो तुम्हें तुमसे मिलवाता है।
जो जैसा है भीतर से,
वही मुझे बाहर दिखाता है।
जब तक प्रेम को चुनोगे नहीं,
तब तक युद्ध ही धर्म रहेगा।
और जब तक मानव नहीं बनोगे,
तब तक कृष्ण तुम्हें दूर रहेगा।

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AFRAID ?
AFRAID ? 1 jam yang lalu

Keep Growing 🔥
Meri bhi iss video pe ek like aor ek pyara sa comment kr do !
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Support each other 🫱🏻‍🫲🏼

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music
music 2 jam yang lalu

aap mere channel ko subscribe kare main aapke channel ko support kruga

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