ApnaTube Android App ab available hai.
Videos dekhiye, points earn kijiye aur apna content upload kijiye. Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.apnatube.in
Spiritual
Super Fast Hanuman Chalisa_ Chant for Power & Protection #hanuman #hanumanchalisa #shorts
Day 57: अनन्य भक्ति, ज्ञान–विज्ञान और मत्संस्थ शान्ति | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/03/day-57-da
आज के 5 श्लोक:
सैकड़ों–हजारों दिव्य रूप—अर्जुन को भगवान का अद्भुत विराट-प्रसार दिखता है (11.5)
अनन्य भक्ति से ही मुझे तत्त्वतः जाना/देखा/प्राप्त किया जा सकता है (11.54)
यह परम गोपनीय ज्ञान–विज्ञान—जिससे अशुभ संसार से मुक्ति मिलती है (9.1)
नियतमनस योगी—मुझमें आत्मा को लगाकर मत्संस्थ निर्वाणपरमा शान्ति पाता है (6.15)
श्रवणपरायण मन्दबुद्धि भी संसार-सागर तर जाते हैं (13.25)
CTA:
कमेंट में लिखिए—"आज का मेरा श्लोक = (11.5/11.54/9.1/6.15/13.25)"
और "आज मैं किस जगह ‘अनन्य भक्ति + ज्ञान–विज्ञान + मत्संस्थ शान्ति’ का अभ्यास करूँगा/करूँगी?"
बाइबिल में कुम्हार न होने पर पत्थर मारने का आदेश । व्यवस्था विवरण 22 आयत 13 से 21 तक खुदा ने लडकी को पत्थर मारकर मार देने का आदेश दिया है। महिलाओं के प्रति दमनकारी और भेदभावपूर्ण व्यवहार इस ब्रह्माण्ड का मालिक ऐसे आदेश कैसे दे सकता है।
@panu'srangoli #rangoli #design #art #tipkyachirangoli
brahmand me chauda lok kya
तांत्रिक त्राटक 9th बॅच बुकिंग
cont: 9309830823
https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/03/day-56-da
आज के 5 श्लोक:
“मैंने ये अद्भुत, रोमहर्षक संवाद सुना”—संजय का अनुभव (18.74)
योगस्थः कुरु कर्माणि—सिद्धि–असिद्धि में समत्व ही योग है (2.48)
समदुःखसुख धीर पुरुष—जो व्यथित नहीं होता, वही अमृतत्व के योग्य (2.15)
तामस सुख—निद्रा, आलस्य, प्रमाद से उत्पन्न सुख, जो आगे–पीछे आत्मा को मोहित करे (18.39)
“मेरी महत्-ब्रह्मरूप प्रकृति योनि है, मैं उसमें चेतन-गर्भ स्थापित करता हूँ”—जड़–चेतन संयोग से सब भूतों की उत्पत्ति (14.3)
CTA:
कमेंट में लिखिए—"आज का मेरा श्लोक = (18.74/2.48/2.15/18.39/14.3)"
और "आज मैं किस जगह ‘समत्व + धीरता + तामस सुख से सावधानी + सृष्टि की ईश्वर-केन्द्रित दृष्टि’ का अभ्यास करूँगा/करूँगी?"
मुलायम सिंह यादव का यह नम्र भरा संदेश जो हर किसी को सुनना चाहिए #motivation #shorts #viral
हममें से अधिकांश लोग भगवान शिव की पौराणिक कथाएँ सुनते हुए बड़े हुए हैं, लेकिन वास्तव में कितने लोगों ने मूल ग्रंथ के पन्ने पलटे हैं? कहानियाँ तो प्रसिद्ध हैं, लेकिन पवित्र ग्रंथ में लिखे गए सटीक शब्द अक्सर रहस्य ही बने रहते हैं।
इस वीडियो में, हम प्रचलित लोककथाओं से परे जाकर शिव महापुराण का अक्षरशः अध्ययन करेंगे। आइए हमारे साथ इस प्राचीन पुराण के श्लोकों में छिपी सटीक शिक्षाओं, अनुष्ठानों और गहन दर्शन को उजागर करें।
https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/03/day-55-da
Day 55: यज्ञ, अधियज्ञ, नरक-द्वार और अनन्य भक्ति | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
आज के 5 श्लोक:
यज्ञभाव से मिले भोग, लौटाए बिना अकेले भोगना = चोरी (3.12)
“अधियज्ञ कौन? शरीर में कैसे? और अन्त समय में कैसे जाना जाए?”—अर्जुन का गहरा प्रश्न (8.2)
विश्व रूप के बाद पुनः चार भुजा और सौम्य मूर्ति दिखाकर अर्जुन को धीरज देना (11.50)
क्रोध, लोभ, काम – तीन नरक–द्वारों से मुक्त होकर ही परा गति (16.22, भाव)
“यदि सुदुराचार भी हो, पर अनन्य भाव से भजता हो, तो साधु मानो” (9.30)
CTA:
कमेंट में लिखिए—"आज का मेरा श्लोक = (3.12/8.2/11.50/16.22/9.30)"
और "आज मैं किस जगह ‘यज्ञभाव + नरक-द्वार से सावधानी + अनन्य भक्ति की हिम्मत’ का अभ्यास करूँगा/करूँगी?"
ऋग्वेद महज एक किताब नहीं है; यह प्राचीन भारतीय सभ्यता की धड़कन है और ज्ञात सबसे पुराना वैदिक संस्कृत ग्रंथ है। ऋग्वेद हिंदू धर्म के चार पवित्र वेदों में सबसे प्राचीन है, जिसका इतिहास लगभग 1500-1000 ईसा पूर्व या उससे भी पहले का है । ऋग्वेद सामाजिक और दार्शनिक नींव की गहन झलक प्रस्तुत करता हैं।
इस वीडियो में हम इन विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे:
ऋग्वेद की उत्पत्ति: रजत युग के दौरान मौखिक परंपराओं को गणितीय सटीकता के साथ संरक्षित किया गया था। जिसमें ब्रह्मांड विज्ञान: अग्नि, इंद्र और सोम जैसे वैदिक देवताओं को समझना शामिल है।
राजीव दीक्षित-त्रिफला चूर्ण के फायदे और सही मात्रा | जानना जरूरी है
इस वीडियो में Rajiv Dixit त्रिफला चूर्ण के बारे में गहराई से जानकारी देते हैं। उनके अनुसार त्रिफला आयुर्वेद का एक बेहद असरदार और पुराना नुस्खा है, जो शरीर को अंदर से साफ करने, पाचन को बेहतर बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है।
वीडियो में बताया गया है कि त्रिफला किन तीन मुख्य जड़ी-बूटियों से बनता है और सही अनुपात क्या होना चाहिए। साथ ही इसे लेने का सही समय, मात्रा और तरीका भी समझाया गया है ताकि आपको पूरा लाभ मिल सके।
अगर आप कब्ज, कमजोर पाचन या शरीर में जमा गंदगी (toxins) जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी हो सकती है। प्राकृतिक और देसी तरीकों से स्वास्थ्य सुधारने के लिए यह वीडियो जरूर देखें।
Rajiv Dixit अपने भाषणों के माध्यम से आयुर्वेद, स्वदेशी और भारतीय जीवनशैली को बढ़ावा देते थे। उन्होंने लोगों को प्राकृतिक इलाज, घरेलू नुस्खों और भारतीय ज्ञान को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
#rajivdixit #triphala #triphalabenefits #ayurveda #desinuskhe #naturalhealth #healthygut #digestiontips #ayurvedicremedy #triphalachurna #immunityboost #detox #constipationrelief #ayurvedaindia #rajivdixitspeech #healthtipshindi #ayurvedictips #naturalhealing #swadeshi #indianhealth #triphalause #herbalremedy #guthealth #dailyhealthtips #AyurvedaLife
वौइस् ओवर
सतीश
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व है।
मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को अष्ट सिद्धियां, ज्ञान, सफलता और मोक्ष का आशीर्वाद देती हैं।
इस वीडियो में जानिए मां सिद्धिदात्री की सम्पूर्ण व्रत कथा, पूजा विधि, मंत्र और भोग की जानकारी।
👉 वीडियो पूरा देखें
👉 कमेंट में “जय माता दी” लिखें 🙏
👉 चैनल “चिंतन धारा” को Subscribe करें
नवरात्रि के 9 पावन दिनों के बाद अक्सर लोग पूजा में इस्तेमाल हुई सामग्री को गलत तरीके से फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धर्मशास्त्रों के अनुसार यह अशुभ माना जाता है?
इस पोस्ट/वीडियो में जानिए सही तरीका — फूल, नारियल, कलश, प्रसाद और अन्य पूजा सामग्री का क्या करें और क्या नहीं करें, ताकि आपको मां दुर्गा का पूरा आशीर्वाद मिले 🙏
👉 पूरी जानकारी के लिए अभी वीडियो देखें और सही विधि अपनाएं।
👉 ऐसी ही धार्मिक और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए Chintan Dhara को फॉलो करें।
9309830823
ध्यान का असली अर्थ: कुछ पाने से पहले... बहुत कुछ खोने की यात्रा 🧘♂️✨
लोग अक्सर पूछते हैं कि ध्यान से क्या मिलता है? पर क्या आपने कभी सोचा है कि ध्यान हमसे क्या छीन लेता है?
अक्सर जब हम 'ध्यान' या 'मेडिटेशन' शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में एक ही विचार आता है— 'शांति'। हमें लगता है कि ध्यान करने से हमें कुछ प्राप्त होगा, कोई शक्ति मिलेगी या कोई चमत्कार होगा। लेकिन 'ध्यान से समाधि' की इस यात्रा में, सत्य इससे कहीं अधिक गहरा और सुंदर है।
अध्यात्म की भाषा में, ध्यान कुछ 'पाने' की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बहुत कुछ 'खोने' का उत्सव है।
1. अहंकार और पुरानी धारणाओं का विसर्जन
हमारा मन आज एक भारी गट्ठर की तरह है, जिसमें सालों पुरानी यादें, डर, शिकायतें और वो तमाम धारणाएं भरी हुई हैं जो समाज ने हम पर थोपी हैं। ध्यान उस ऊँचे पहाड़ की तरह है जहाँ खड़े होकर आप इस भारी बोझ को नीचे गिरा देते हैं। जब तक हाथ खाली नहीं होंगे, तब तक परमात्मा का प्रेम उनमें कैसे भरेगा?
इसलिए, ध्यान की पहली शर्त है—'मैं' का मिटना। जब आपका 'अहंकार' धुएं की तरह उड़ जाता है, तभी आप हल्का महसूस करते हैं।
2. अपनी झूठी पहचान को खोना
दुनिया हमें हमारे नाम, पद, प्रतिष्ठा और रिश्तों से जानती है। मैं एक अधिकारी हूँ, मैं एक पिता हूँ, मैं अमीर हूँ—ये सब बाहरी परतें हैं। ध्यान की गहराई में उतरते ही ये सारी पहचान पिघलने लगती हैं।
वहाँ आप न किसी के पुत्र रहते हैं, न मित्र। आप केवल एक 'साक्षी' बन जाते हैं—एक शुद्ध चेतना, एक तुच्छ सेवक जो अपने आराध्य के चरणों में समर्पित है। अपनी इस झूठी पहचान को खोना ही वास्तविक स्वतंत्रता है।
3. डर और विकारों की आहुति
काम, क्रोध, लोभ और मोह—ये वो ज़ंजीरें हैं जो हमें अशांत रखती हैं। निर्देशित ध्यान (Guided Meditation) हमें सिखाता है कि कैसे इन विकारों को ध्यान की अग्नि में समर्पित कर दिया जाए। जब आप अपने डर को खो देते हैं, तो आप 'अभय' हो जाते हैं।
पूज्य प्रेमानंद महाराज जी अक्सर कहते हैं कि जब 'मैं' पूरी तरह मिट जाता है, तभी 'वह' (परमात्मा) प्रकट होता है। जहाँ अहंकार शून्य है, वहीं भक्ति अनंत है।
4. शून्यता से पूर्णता की ओर
जब आप सब कुछ खो देते हैं—अपनी चिंताएं, अपनी पहचान और अपनी चाहतें—तब आप 'शून्य' हो जाते हैं। और मज़े की बात यह है कि इसी शून्यता में आपको 'पूर्णता' का बोध होता है। आप महसूस करते हैं कि आप कभी अकेले थे ही नहीं; आप तो उस अनंत परमात्मा का ही एक अंश हैं।
निष्कर्ष
तो अगली बार जब आप ध्यान में बैठें, तो यह मत सोचिए कि आज क्या मिलेगा। बस यह देखिए कि आज आप और क्या छोड़ सकते हैं। अपनी सांसों को 'श्री हरिवंश' के नाम के साथ जोड़ें और खुद को पूरी तरह समर्पित कर दें।
याद रखें, स्वयं की खोज ही परमात्मा का बोध है।
जय श्री राधे! श्री हरिवंश!
यदि आप इस आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव करना चाहते हैं, तो हमारे 'निर्देशित ध्यान' के वीडियो को ज़रूर देखें। 🚩
#कुंडलिनी #ध्यान #कुंडलिनीजागरण #साधना #आध्यात्मिकता #जागरूकता #योग #Kundalini #Meditation #KundaliniAwakening #Sadhana #Spirituality #Awareness #Yoga #WhatsAppChannel #ViralPost
Our mind is not under our control , what should we do गुरुजी मन हमारे वश में नहीं है क्या करे
Please subscribe, share and contribute. Mahaadev. for Astrological consultation kindly call 8108412622, Arattai no. 73048 26526. UPI ID: 8108412622@ptsbi, 8108412622@ybl.