close


Copyright Warning – ApnaTube


Do not upload movies, web series, TV shows, or any copyrighted content without proper authorization. You are given 24 hours to remove any copyrighted material from your channel. If our team finds any copyrighted content after this period, your channel will be permanently terminated without further warning. Upload only original or authorized content.


ApnaTube Team | www.apnatube.in


Berikutnya

Day 119 | 5 Shlok Per Day | स्वकर्म, निर्भय साधना, सात्त्विक-राजसी बुद्धि और कर्म-संग्रह

0 Tampilan· 01/06/26
Jagatkasaar
Jagatkasaar
165 Pelanggan
165

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/06/day-119-5

Day 119 | 5 Shlok Per Day | स्वकर्म, निर्भय साधना, सात्त्विक-राजसी बुद्धि और कर्म-संग्रह

आज के 5 श्लोक बताते हैं कि अपने स्वाभाविक कर्म में तत्पर मनुष्य परम सिद्धि पा सकता है, कर्मयोग का थोड़ा-सा अभ्यास भी महान भय से रक्षा करता है, राजसी बुद्धि धर्म-अधर्म को यथार्थ नहीं जानती, भोग-ऐश्वर्य में आसक्त पुरुष की बुद्धि परमात्मा में नहीं टिकती, और कर्म के पीछे ज्ञान, ज्ञेय, ज्ञाता तथा कर्ता, करण, क्रिया का त्रिविध ढाँचा काम करता है। 18.45 और 2.4 मिलकर कर्मयोग की सुरक्षा और स्वाभाविकता दिखाते हैं, जबकि 18.18 कर्म की संरचना समझाता है।

Description
Day 119 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: स्वे-स्वे कर्म में अभिरत मनुष्य की संसिद्धि (18.45), कर्मयोग के आरम्भ का कभी नष्ट न होना और स्वल्प साधन का भी भयहरणकारी होना (2.4), धर्म-अधर्म और कर्तव्य-अकर्तव्य को यथार्थ न जानने वाली राजसी बुद्धि (18.31), भोग-ऐश्वर्य में फँसे चित्त की समाधि-हीनता (2.44), और कर्म की त्रिविध संरचना—ज्ञाता, ज्ञान, ज्ञेय तथा कर्ता, करण, क्रिया (18.18)। यह episode Jagat Ka Saar को duty, courage, discernment, and inner clarity के साथ जोड़ता है.

वीडियो शुरू करने से पहले:

Channel को Subscribe कर लीजिए.

Video को Like कर दीजिए.

इसे Share कीजिए ताकि हर घर गीता का mission आगे बढ़े.

Comment में लिखिए: “मेरा श्लोक = ”

और: “आज का Jagat Ka Saar = ”

Tags
#day119 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #स्वकर्म #कर्मयोग #सात्त्विकबुद्धि #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #GitaInHindi

Menampilkan lebih banyak

 0 Komentar sort   Sortir dengan


Berikutnya