close

ApnaTube Android App ab available hai.
Videos dekhiye, points earn kijiye aur apna content upload kijiye. Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.apnatube.in

اگلا

Day 117 | 5 Shlok Per Day | कर्मयोग, समबुद्धि, परम पुरुष और भक्तिप्रियता

2 مناظر· 31/05/26
Jagatkasaar
Jagatkasaar
165 سبسکرائبرز
165
میں

⁣आज के 5 श्लोक बताते हैं कि न तो केवल कर्म छोड़े बिना निष्कर्मता मिलती है, न केवल संन्यास से सिद्धि; दृढ़ भक्त निरन्तर कीर्तन, प्रणाम और उपासना करते हैं; परमात्मा ही तीनों लोकों का धारण-पोषण करने वाले उत्तम पुरुष हैं; बुद्धियोग सकाम कर्म से श्रेष्ठ है; और श्रद्धायुक्त मत्पर भक्त भगवान को अत्यंत प्रिय हैं. 3.4 और 2.49 together make a clear case for action with inner balance, not actionless escape.
Description
Day 117 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: कर्म के बिना निष्कर्मता नहीं, और केवल संन्यास से भी सिद्धि नहीं (3.4), दृढ़व्रती भक्तों की निरन्तर उपासना (9.14), तीनों लोकों में व्याप्त उत्तम पुरुष परमात्मा (15.17), सकाम कर्म से श्रेष्ठ समबुद्धि का आश्रय (2.49), और धर्ममय अमृत को श्रद्धा से सेवन करने वाले मत्पर भक्तों की भगवान-प्रियता (12.2)। यह episode Jagat Ka Saar को discipline, devotion, wisdom, and surrender के साथ जोड़ता है.
वीडियो शुरू करने से पहले:
Channel को Subscribe कर लीजिए.
Video को Like कर दीजिए.
इसे Share कीजिए ताकि हर घर गीता का mission आगे बढ़े.
Comment में लिखिए: “मेरा श्लोक = ”
और: “आज का Jagat Ka Saar = ”
Tags
#day117 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #कर्मयोग #समबुद्धि #भक्ति​ #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #gitainhindi

مزید دکھائیں

 0 تبصرے sort   ترتیب دیں


اگلا