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5 करोड़ पेंडिंग केस: क्या भारत का न्याय सिस्टम फेल हो चुका है? | Ashwini Upadhyay | समस्या का समाधान
5 करोड़ पेंडिंग केस: क्या भारत का न्याय सिस्टम फेल हो चुका है? | Ashwini Upadhyay | समस्या का समाधान
विकल्प 2: 30 करोड़ भारतीय तनाव में! न्याय के नाम पर 'तारीख-पे-तारीख' का काला सच।
विकल्प 3: सड़े हुए कानून और 2 लाख आत्महत्याएं: भारत के न्यायिक संकट का पूरा विश्लेषण।
नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका आपके अपने चैनल 'समस्या का समाधान' में।
आज के वीडियो में हम भारत के उस 'न्यायिक संकट' (Judicial Crisis) की बात करेंगे जिसने करोड़ों परिवारों को बर्बाद कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय के अनुसार, भारत की अदालतों में 5 करोड़ केस पेंडिंग हैं, जिसका मतलब है कि लगभग 30 करोड़ लोग (उनके परिवार) लगातार मानसिक तनाव में जी रहे हैं।
इस वीडियो में हम चर्चा करेंगे:
कैसे अंग्रेजों के जमाने का 1861 का पुलिस एक्ट आज भी हमें गुलाम बनाए हुए है।
अदालतों में झूठी गवाही (Perjury) और फर्जी एफआईआर का बिजनेस मॉडल कैसे चल रहा है।
क्यों 66% केस केवल जमीन विवाद के हैं और अवैध कब्जे को गंभीर अपराध क्यों नहीं माना जाता?
न्यायिक देरी और फर्जी केसों के कारण होने वाली 2 लाख आत्महत्याओं की कड़वी सच्चाई।
अश्विनी उपाध्याय द्वारा सुझाए गए वे क्रांतिकारी सुधार जो भारत में 'रामराज्य' ला सकते हैं।
अगर आप भी इस सड़े हुए सिस्टम से परेशान हैं, तो इस वीडियो को अंत तक देखें और अपनी आवाज उठाएं। चैनल को सब्सक्राइब करें और वीडियो को शेयर करना न भूलें।"
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