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Spiritual

Jagatkasaar
4 Views · 2 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-96-5-

आज के 5 श्लोक बताते हैं कि समस्त प्राणियों की उत्पत्ति में प्रकृति माता है और भगवान बीजप्रद पिता हैं, ज्ञानीजन लोकसंग्रह के लिए कर्म करते हैं, और स्थितप्रज्ञ पुरुष समुद्र की तरह कामनाओं से विचलित नहीं होता। गीता 14.4 स्पष्ट कहती है कि सब योनियों में उत्पन्न होने वाले शरीरों की महद्योनि प्रकृति है और भगवान स्वयं बीजप्रद पिता हैं।

Description
Day 96 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: सृष्टि का दिव्य रहस्य (14.4), धृष्टकेतु से शैब्य तक महारथियों का परिचय (1.5), अर्जुन की ऐश्वर्य-रूप दर्शन की इच्छा (11.3), जनकादि की कर्म द्वारा सिद्धि और लोकसंग्रह (3.20), और समुद्र समान स्थितप्रज्ञ की शान्ति (2.70)। ये 5 श्लोक creation, duty, दर्शन और inner stability को एक सूत्र में बाँधते हैं।

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#day96 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #बीजप्रदपिता #लोकसंग्रह #स्थितप्रज्ञ #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #GitaInHindi

Jagatkasaar
1 Views · 2 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-95-5-

Day 95 | 5 Shlok Per Day | कर्म की परम्परा, मन का संयम और सर्वव्यापक परमात्मा

आज के 5 श्लोक बताते हैं कि मुमुक्षु भी कर्म करते थे, दिखावे वाला तप राजस है, संकल्प-त्याग के बिना योग नहीं बनता, भगवान अव्यक्त रूप से समस्त जगत में व्याप्त हैं, और चंचल मन को बार-बार आत्मा में लाना ही साधना है। 4.15, 6.26 और 9.4 मिलकर एक बहुत practical मार्ग देते हैं—कर्तव्य करो, मन संभालो, और परमात्मा की व्यापकता को याद रखो।

Description
Day 95 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: मुमुक्षुओं की कर्म-परम्परा (4.15), दम्भ और मान के लिये किया गया राजस तप (17.18), संकल्प-त्याग ही योग-सन्न्यास का आधार (6.2), अव्यक्तमूर्ति से जगत की व्यापकता (9.4), और चंचल मन को बार-बार आत्मा में लाने की साधना (6.26)। यह episode Jagat Ka Saar को discipline, depth और devotion के साथ जोड़ता है।

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#day95 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #कर्मयोग #मनसंयम #अव्यक्तमूर्ति #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #GitaInHindi

Sanatandharm04
5 Views · 2 months ago

संभालो_खुद_को,_ये_सत्संग_सुनकर_100__जीवन_सुधर_जाएगा_!___Shri_Hit_Premanand_Ji_Maharaj(

Jagatkasaar
4 Views · 2 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-94-5-

आज के 5 श्लोक आसुरी सोच, मोहिनी प्रकृति, और भगवान के अन्तर्यामी स्वरूप का contrast दिखाते हैं। 16.14 में अहंकार बोलता है, 9.12 में विक्षिप्त चित्त आसुरी प्रकृति पकड़ते हैं, 17.6 में शरीर और अन्तःकरण दोनों को कृश करने वाला आसुर-निश्चय बताया गया है, 15.15 में भगवान हृदय में स्थित अन्तर्यामी हैं, और 3.7 में अनासक्त कर्मयोग का श्रेष्ठ मार्ग दिया गया है।

Description
Day 94 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: “मैंने शत्रु को मारा, मैं ही भोगी, सिद्ध, बलवान, सुखी हूँ” जैसे आसुरी अहंकार (16.14), व्यर्थ आशा-व्यर्थ कर्म-व्यर्थ ज्ञान का आसुरी मन (9.12), शरीरस्थ भूतग्राम और अन्तःशरीरस्थ भगवान को कृश करने वाला भाव (17.6), सबके हृदय में स्थित अन्तर्यामी (15.15), और मन से इन्द्रियों को वश में करके अनासक्त कर्मयोग (3.7)। यह episode Jagat Ka Saar को self-awareness, discipline और divine remembrance के साथ जोड़ता है।

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#day94 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #असुरभाव #अन्तर्यामी #कर्मयोग #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #GitaInHindi

Dolly's Voice
9 Views · 2 months ago

Dajjal ke fitne ki sachai aur imaan bachane ka tareeqa.

Jagatkasaar
4 Views · 3 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-93-5-

आज के 5 श्लोक रणनीति, दिव्य दर्शन, विभूति, और आंतरिक ज्ञान—इन सबको एक साथ जोड़ते हैं। 1.7 में दुर्योधन अपने सैन्य प्रमुखों का परिचय देता है, 3.2 में अर्जुन एक निश्चित उत्तर चाहता है, 11.52 में श्रीकृष्ण अपना सुदुर्दर्श चतुर्भुज रूप बताते हैं, 10.25 में भगवान विभूतियों में ओंकार, जपयज्ञ और हिमालय हैं, और 10.4 में बुद्धि से लेकर भय-अभय तक सब उनके ही विभाव हैं।

Description
Day 93 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: अपनी सेना के प्रमुखों का परिचय (1.7), अर्जुन की स्पष्टता की प्रार्थना (3.2), कृष्ण के दुर्लभ चतुर्भुज रूप का रहस्य (11.52), भगवान की विभूतियों में भृगु, ओंकार, जपयज्ञ और हिमालय (10.25), और बुद्धि-ज्ञान-क्षमा-सत्य से लेकर भय-अभय तक का दैवी विस्तार (10.4)। यह episode Jagat Ka Saar को leadership, clarity और divine vision के साथ प्रस्तुत करता है।

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#day93 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #विभूति #विराटरूप #ओंकार #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #gitainhindi

Mamta Sharma
5 Views · 3 months ago

विश्वास ही सबसे सशक्त रिश्ता है अगर संबंध बनाए रखना चाहते हो तो मीठे बानो

Jagatkasaar
4 Views · 3 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-92-5-

आज के 5 श्लोक बताते हैं कि जीव गुणों के संग से बंधता है, रजोगुण उसे कर्म और फल की आसक्ति-जाल में बाँधता है, और स्थिरबुद्धि साधक प्रिय-अप्रिय में सम रहकर ब्रह्म में स्थित होता है। 13.21 का मुख्य बिंदु यह है कि प्रकृति से उत्पन्न गुणों का संग ही जीव के अच्छे-बुरे जन्मों का कारण बनता है।

Description
Day 92 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: प्रकृति-स्थित पुरुष और गुण-संग का बंधन (13.21), प्रिय-अप्रिय में सम रहने वाला ब्रह्मवेत्ता (5.20), आत्मरति-आत्मतृप्त अवस्था (3.17), रजोगुण का कर्मासक्ति से बंधन (14.7), और संशयरहित, सर्वभूतहिते रत ऋषियों का ब्रह्मनिर्वाण (5.25)। यह episode Jagat Ka Saar को inner mastery, detachment और universal compassion के साथ जोड़ता है।

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Jagatkasaar
3 Views · 3 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-91-5-

आज के श्लोक युद्धभूमि की तैयारी, भगवान की अनन्त विभूतियाँ, विराट रूप का दर्शन, और अर्जुन की उत्सुकता—इन सबका सुंदर प्रवाह बनाते हैं। 10.42 में भगवान कहते हैं कि सम्पूर्ण जगत को वे अपनी योगशक्ति के एक अंश से धारण करते हैं।

Description
Day 91 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: पाण्डव-पक्ष के महारथियों का परिचय (1.6), अर्जुन का विपक्षी योद्धाओं को देखने का संकल्प (1.22), भगवान की दिव्य विभूतियों का अनन्त विस्तार (10.40), संक्षेप में बताया गया योगशक्ति का अंश (10.42), और विराट देह में देव-ऋषि-नाग-संघों का दर्शन (11.15)। यह episode Jagat Ka Saar को strength, vision और surrender के साथ जोड़ता है।

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Jagatkasaar
0 Views · 3 months ago

https://jagatkasaar.blogspot.c....om/2026/05/day-90-5-

आज के श्लोक विराट दर्शन, आत्मा की अविनाशिता, इन्द्रिय-मन-बुद्धि-आत्मा की श्रेणी, और सत् भाव से किए गए कर्म का सुंदर संगम हैं। 11.22 में समस्त देव-समूह विस्मित होकर भगवान को देखते हैं, जबकि 2.21 आत्मा की नित्य-अविनाशी प्रकृति स्पष्ट करता है।

Description
Day 90 में 5 Shlok Per Day के साथ हर हर गीता, हर घर गीता mission को आगे बढ़ाइए: विराट रूप को देखकर रुद्र, आदित्य, वसु आदि का विस्मय (11.22), आत्मा की अविनाशिता (2.21), दिव्य विराट रूप का दर्शन (11.11), इन्द्रिय-मन-बुद्धि-आत्मा का सूक्ष्म क्रम (3.42), और यज्ञ-तप-दान तथा तदर्थ कर्म का “सत्” स्वरूप (17.27)। यह episode Jagat Ka Saar को cosmic vision और inner discipline के साथ जोड़ता है।

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#day90 #5shlokperday #bhagavadgita #गीता #विराटरूप #आत्मज्ञान #सत्कर्म #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #gitainhindi

Almighty Mahaadev
10 Views · 3 months ago

⁣Does God support the wicked ? क्या दुष्टों का साथ देता है भगवान ?


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Almighty Mahaadev
6 Views · 3 months ago

⁣What is life and why is it जीवन आखिर है क्या और क्यों है?


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Almighty Mahaadev
2 Views · 3 months ago

⁣Recognize the difference between knowledgeable and ignorant. ज्ञानी और अज्ञानी के अंतर को पहचानें |


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Almighty Mahaadev
3 Views · 3 months ago

⁣The who do it, will repay , why are you afraid and sad करेगा सो भरेगा, तू क्यों भया उदास।


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Almighty Mahaadev
5 Views · 3 months ago

⁣After all, why does this ego come आखिर ये अहंकार होता क्यों है?


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Almighty Mahaadev
3 Views · 3 months ago

⁣हम राम राम ही क्यों बोलते है Why do we say only Ram Ram.


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Sanatan Gyan
5 Views · 3 months ago

Pakistan ke Balochistan ki Main sthit Mata hinglaj shaktipeeth

RAJIVDIXITOFFICIAL
5 Views · 3 months ago

घर पर घी कैसे बनाये | घर पर बिलौना घी कैसे बनाये | घर पर घी बनाये पूरी विधि
आसान तरीकाअगर आपकी मलाई से घी नहीं बन रहा या बहुत कम घी निकलता है, तो आप जरूर कोई बड़ी गलती कर रहे हैं 😱

इस वीडियो में जानिए:
✔️ मलाई से ज्यादा घी निकालने का सही तरीका
✔️ कौन सी गलती से घी नहीं बनता
✔️ देसी और शुद्ध घी बनाने का आसान घरेलू तरीका

👉 अगर आप रोज दूध से मलाई निकालते हो, तो ये वीडियो आपके लिए बहुत जरूरी है!

💬 Comment में बताओ: क्या आप भी ये गलती कर रहे थे?#ghee #malaiseghee #desighee #gharkaghhee #gheekaisebanaye
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Satish




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