Продвигаемое Видео
ज्ञान का दीपक – The Light of Wisdom
आरव एक छोटा लड़का था जो अपनी पढ़ाई में असफल होकर निराश हो गया था। उसकी माँ, जो भगवान श्रीकृष्ण की सच्ची भक्त थी, ने अपने बेटे के लिए प्रार्थना की। माँ की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण आरव के सामने प्रकट हुए और उसे ज्ञान, विनम्रता और आत्मविश्वास का महत्व समझाया। अंत में आरव ने परिश्रम और विनम्रता से सफलता पाई और कृष्ण का उपदेश – “विद्या विनयसंयुक्ता पयोनिगदिता मताः” – अपने जीवन में अपनाया।
