ভিডিও পছন্দ হয়েছে

rajendra bijarnia
1 ভিউ · 2 মাস আগে

हाँ, प्रेगनेंसी में अमरूद खाना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। अमरूद में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए अच्छे होते हैं।
इसके फायदे:
विटामिन C से भरपूर — इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करता है
फाइबर अच्छा होता है — कब्ज की समस्या कम कर सकता है
फोलेट मौजूद होता है — बच्चे के विकास के लिए जरूरी
ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है
पाचन को बेहतर बनाता है
कैसे खाएं:
अच्छी तरह धोकर खाएं
पका हुआ अमरूद ज्यादा बेहतर माना जाता है
सीमित मात्रा में खाएं, जैसे 1 मध्यम अमरूद प्रतिदिन
किन महिलाओं को सावधानी रखनी चाहिए:
अगर गैस या पेट फूलने की समस्या ज्यादा रहती है
बहुत ज्यादा कच्चा अमरूद खाने से पेट में असहजता हो सकती है
किसी खास मेडिकल समस्या या डॉक्टर की डाइट सलाह हो तो उसी को प्राथमिकता दें

sanjit kumar
12 ভিউ · 5 মাস আগে

⁣⁣“जहाँ प्रेम है, वहाँ ही 🦚 राधा–कृष्ण का वास है 💙
अगर आप भी सच्चे भक्त हैं तो अभी Like ❤ और Subscribe 🔔 करके जय श्री राधे कृष्ण लिखें!”

#radhekrishna
#krishnabhakti
#radharani
#harekrishna
#vrindavan
#bhaktistatus
#krishnalovers
#jayshrikrishna

rajendra bijarnia
6 ভিউ · 3 মাস আগে

हाँ, प्रेगनेंसी में अंजीर (figs) खाना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है — लेकिन सही मात्रा में।
✔️ अंजीर खाने के फायदे
हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद: अंजीर में आयरन होता है, जो खून की कमी (एनीमिया) से बचाने में सहायक है
पाचन सुधारता है: इसमें फाइबर ज्यादा होता है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है (जो प्रेगनेंसी में आम है)
कैल्शियम का अच्छा स्रोत: यह माँ और बच्चे की हड्डियों के लिए अच्छा है
ऊर्जा देता है: नेचुरल शुगर होने से तुरंत एनर्जी मिलती है
⚠️ कितनी मात्रा में खाएं?
दिन में 1–2 सूखे अंजीर या 2–3 ताजे अंजीर काफी हैं
ज्यादा खाने से दस्त या ब्लड शुगर बढ़ सकती है
❗ कब सावधानी रखें?
अगर आपको डायबिटीज (शुगर) है तो डॉक्टर से पूछकर ही खाएं
बहुत ज्यादा खाने से पेट खराब हो सकता है
हमेशा अंजीर को अच्छे से धोकर या सूखे अंजीर को भिगोकर खाएं
👉 निष्कर्ष:
हाँ, अंजीर प्रेगनेंसी में फायदेमंद है, बस संतुलित मात्रा में खाएं।

rajendra bijarnia
9 ভিউ · 3 মাস আগে

हाँ, प्रेगनेंसी में गर्मियों में बादाम खा सकते हैं, लेकिन सही मात्रा और तरीके का ध्यान रखना ज़रूरी है।
✔️ फायदे
बादाम में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और विटामिन E होता है
बच्चे के ब्रेन डेवलपमेंट में मदद करता है
माँ की एनर्जी और इम्यूनिटी बढ़ाता है
⚠️ ध्यान रखने वाली बातें
गर्मियों में बादाम तासीर में गरम माने जाते हैं
ज़्यादा खाने से गर्मी, एसिडिटी या पाचन समस्या हो सकती है
👍 सही तरीका
रोज़ 4–6 बादाम ही लें
रातभर पानी में भिगोकर सुबह छिलका हटाकर खाएं
खाली पेट खाना ज्यादा फायदेमंद होता है
❌ कब सावधानी रखें
अगर आपको एसिडिटी, ज्यादा गर्मी लगना या डॉक्टर ने मना किया हो
या कोई एलर्जी हो
👉 निष्कर्ष:
सीमित मात्रा में भिगोए हुए बादाम गर्मियों में भी प्रेगनेंसी में सुरक्षित और फायदेमंद हैं।

rajendra bijarnia
6 ভিউ · 3 মাস আগে

प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) में हीमोग्लोबिन (Hb) का स्तर सामान्य से थोड़ा ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इससे माँ और बच्चे दोनों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है।
👉 गर्भावस्था में सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर:
11 से 13 ग्राम/डेसीलीटर (g/dL) — अच्छा और सामान्य माना जाता है
10–10.9 g/dL — हल्की कमी (माइल्ड एनीमिया)
7–9.9 g/dL — मध्यम एनीमिया
7 g/dL से कम — गंभीर एनीमिया (खतरे का संकेत)
💡 डॉक्टर आमतौर पर चाहते हैं कि Hb कम से कम 11 g/dL रहे।
अगर हीमोग्लोबिन कम हो तो:
आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जाती हैं
खाने में शामिल करें:
हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी)
चुकंदर, अनार
गुड़, खजूर
दालें, बीन्स
विटामिन C (नींबू, संतरा) — आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है

Gaming with Samiran
34 ভিউ · 5 মাস আগে

⁣Free fire gameplay part 39 😲😲😲😲 #gaming #viral

indian-vehicle-simulator-3d
12 ভিউ · 3 মাস আগে

⁣🚙Scorpio S11 off road 🛣 part 05 #apnatube #gaming #video

rajendra bijarnia
5 ভিউ · 3 মাস আগে

क्या आपको पेट में बच्चे की हलचल महसूस होती है ?

rajendra bijarnia
4 ভিউ · 3 মাস আগে

हेअल्थी प्रेगनेंसी के लिए रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतें बहुत फर्क डालती हैं। इन 7 बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. संतुलित और पौष्टिक आहार लें
हरी सब्जियाँ, फल, दालें, प्रोटीन (दूध, अंडा, पनीर) और आयरन-कैल्शियम से भरपूर खाना खाएं। जंक फूड से दूरी रखें।
2. नियमित डॉक्टर चेक-अप कराएं
समय-समय पर जांच करवाने से माँ और बच्चे दोनों की स्थिति पर नजर रहती है और किसी भी समस्या का समय पर पता चल जाता है।
3. फोलिक एसिड और सप्लीमेंट लें
डॉक्टर की सलाह से फोलिक एसिड, आयरन और कैल्शियम की दवाइयाँ लें—ये बच्चे के विकास के लिए जरूरी हैं।
4. पर्याप्त पानी पिएं
दिन में 8–10 गिलास पानी पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और थकान कम हो।
5. हल्की एक्सरसाइज करें
जैसे वॉक, प्रेगनेंसी योग (डॉक्टर की सलाह से)। इससे शरीर एक्टिव रहता है और डिलीवरी में भी मदद मिलती है।
6. तनाव से दूर रहें
ज्यादा तनाव लेने से बच्चे पर असर पड़ सकता है। खुश रहें, संगीत सुनें और पॉजिटिव माहौल रखें।
7. पूरी नींद लें
रोज़ 7–8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है, ताकि शरीर को आराम मिले और बच्चे का सही विकास हो।

rajendra bijarnia
2 ভিউ · 3 মাস আগে

Rajasthani writer

rajendra bijarnia
3 ভিউ · 3 মাস আগে

प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में कुछ ऐसे संकेत (लक्षण) दिख सकते हैं जो बताते हैं कि 24 घंटे के अंदर डिलीवरी शुरू हो सकती है। हर महिला में ये अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये संकेत काफी कॉमन होते हैं:
🔹 1. बार-बार और नियमित दर्द (Labour Pain)
पेट या कमर में नियमित अंतराल पर तेज दर्द शुरू होना
दर्द धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और बीच का गैप कम होता जाता है
👉 यह सबसे पक्का संकेत है कि लेबर शुरू हो चुका है
🔹 2. म्यूकस प्लग निकलना (Bloody Show)
सफेद या गुलाबी/हल्का खून मिला चिपचिपा डिस्चार्ज निकलना
👉 इसका मतलब है कि शरीर डिलीवरी के लिए तैयार हो रहा है
🔹 3. पानी की थैली फटना (Water Break)
योनि से पानी जैसा फ्लूइड निकलना (धीरे-धीरे या अचानक)
👉 इसके बाद आमतौर पर 24 घंटे के अंदर डिलीवरी हो जाती है
🔹 4. बार-बार पेशाब या दबाव महसूस होना
बच्चे का सिर नीचे आने से पेल्विक एरिया में दबाव बढ़ जाता है
👉 इससे बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होती है
🔹 5. सर्विक्स का खुलना (Cervix Dilate होना)
डॉक्टर चेकअप में बताएंगे कि सर्विक्स खुलना शुरू हो गया है
👉 यह एक्टिव लेबर का संकेत है
🔹 6. बेचैनी और ऊर्जा में बदलाव
अचानक बहुत ज्यादा थकान या फिर अचानक एनर्जी आना (nesting instinct)
👉 शरीर डिलीवरी के लिए खुद को तैयार करता है
⚠️ कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
बहुत तेज और लगातार दर्द
ज्यादा ब्लीडिंग
पानी हरा या बदबूदार हो
बच्चे की मूवमेंट कम महसूस हो

rajendra bijarnia
4 ভিউ · 3 মাস আগে

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ सही आदतें अपनाने से मां और बच्चे दोनों की सेहत बेहतर रहती है। यहां 5 जरूरी काम दिए गए हैं जो हर गर्भवती महिला को जरूर करने चाहिए:
1. संतुलित और पौष्टिक आहार लें
फल, हरी सब्जियां, दूध, दही, प्रोटीन (दाल, अंडा) और सूखे मेवे जरूर शामिल करें। आयरन और कैल्शियम से भरपूर खाना बहुत जरूरी होता है।
2. नियमित डॉक्टर चेकअप कराएं
समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है ताकि बच्चे की ग्रोथ सही तरीके से हो रही है या नहीं, यह पता चलता रहे।
3. हल्की एक्सरसाइज करें
रोजाना हल्की वॉक या प्रेगनेंसी योग करने से शरीर एक्टिव रहता है और डिलीवरी भी आसान हो सकती है। (डॉक्टर की सलाह जरूर लें)
4. पर्याप्त नींद और आराम लें
कम से कम 7–8 घंटे की नींद लें और दिन में भी थोड़ा आराम करें। ज्यादा थकान से बचें।
5. तनाव से दूर रहें
खुश रहें, पॉजिटिव सोचें और मन को शांत रखें। ज्यादा तनाव का असर बच्चे पर भी पड़ सकता है।

rajendra bijarnia
3 ভিউ · 3 মাস আগে

Rajasthani writer

rajendra bijarnia
5 ভিউ · 3 মাস আগে

Rajasthani writer

Amit Kumawat
15 ভিউ · 4 মাস আগে

free fire gameplay 🎮 in BR ranked 🤯

Amit Kumawat
16 ভিউ · 4 মাস আগে

#channel ko subscribe kar do me bhi subscribe kar dunga 🙏

Amit Kumawat
11 ভিউ · 4 মাস আগে

#free fire gaming
support

Amit Kumawat
15 ভিউ · 4 মাস আগে

#free fire gameplay 🎮

Amit Kumawat
19 ভিউ · 4 মাস আগে

#free fire

আরো দেখুন