उम्मीदें इंसान को तोड़ देती हैं, क्योंकि अंत में आप अकेले ही होते हैं। यहाँ कोई किसी का नहीं होता, बस वक्त-वक्त की बात है।" "खुद के पैरों पर चलना सीख लो, क्योंकि सहारा देने वाले लोग अक्सर रास्ता भटकवा देते हैं। याद रखना, यहाँ कोई किसी के लिए कुछ नहीं करता।"