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राधा रानी जी की सुबह की आरती और दर्शन अत्यंत पवित्र और मन को शांति देने वाले होते हैं। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को सुंदर वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सजाया जाता है। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। भक्त श्रद्धा और प्रेम से आरती में भाग लेकर उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
अकबरपुर में आयोजित भव्य दंगल में लक्ष्मी नारायण सिंह जी ने 2 लाख 21 हजार रुपये की कुश्ती का आयोजन कर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। इस दंगल में दूर-दूर से आए पहलवानों ने अपनी ताकत और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। दर्शकों की भारी भीड़ ने हर मुकाबले का भरपूर आनंद लिया। मंत्री जी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए खेल भावना और अनुशासन का संदेश दिया। विजेताओं को सम्मानित कर उन्होंने ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने की प्रेरणा दी, जिससे क्षेत्र में खेल संस्कृति मजबूत हो रही है।
नेपाल बॉर्डर के समीप स्थित सिद्ध बाबा महाकाल मंदिर अत्यंत पवित्र और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर भगवान शिव के महाकाल रूप को समर्पित है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर का वातावरण शांत, आध्यात्मिक और भक्तिमय होता है। भक्तजन यहाँ पूजा-अर्चना कर अपने कष्टों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। विशेष अवसरों पर यहाँ भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन होता है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और दिव्य अनुभव प्रदान करता है।
राधा रानी जी की सुबह की आरती और दर्शन अत्यंत पवित्र और मन को शांति देने वाले होते हैं। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को सुंदर वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सजाया जाता है। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। भक्त श्रद्धा और प्रेम से आरती में भाग लेकर उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
राधा रानी जी की सुबह की आरती और दर्शन अत्यंत पवित्र और मन को शांति देने वाले होते हैं। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को सुंदर वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सजाया जाता है। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। भक्त श्रद्धा और प्रेम से आरती में भाग लेकर उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
शाम के समय राधारानी जी की संध्या आरती का अद्भुत दृश्य मन को भक्तिमय बना देता है। मंदिर में दीपों की रोशनी, घंटियों की मधुर ध्वनि और भजनों की गूंज वातावरण को पवित्र कर देती है। भक्तजन प्रेम और श्रद्धा से आरती में शामिल होकर राधारानी जी के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते हैं। उनके चेहरे की मधुर मुस्कान और अलौकिक आभा मन को शांति और आनंद से भर देती है। इस पावन क्षण में हर भक्त अपने जीवन के कष्टों को भूलकर भक्ति में लीन हो जाता है और राधारानी जी से सुख-समृद्धि की कामना करता है।
राधा रानी जी की सुबह की आरती और दर्शन अत्यंत पवित्र और मन को शांति देने वाले होते हैं। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को सुंदर वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सजाया जाता है। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। भक्त श्रद्धा और प्रेम से आरती में भाग लेकर उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
रंगभरी एकादशी मंगला आरती और दर्शन करो राधारानी जी के। राधारानी की सुबह की आरती और दर्शन करो। #apnatu
रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर राधा रानी जी की मंगला आरती और दर्शन का विशेष महत्व होता है। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को रंग-बिरंगे वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सुसज्जित किया जाता है। गुलाल और अबीर की सुगंध चारों ओर फैल जाती है। दीपों की ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप मन को शांति देता है। भक्त श्रद्धा से आरती कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
बरसाना में राधा रानी जी की लठमार होली का दृश्य अत्यंत अद्भुत और रोमांचकारी होता है। गलियाँ रंगों, गुलाल और फूलों से सज जाती हैं। महिलाएँ हाथों में लाठियाँ लेकर हँसी-मजाक के साथ पुरुषों पर प्रहार करती हैं, और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। ढोल, नगाड़े और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु इस अनोखी होली का आनंद लेते हैं। प्रेम, उमंग और भक्ति से भरा यह उत्सव राधारानी की नगरी की विशेष पहचान है।
गोवर्धन पर्वत यानी गिर्राज जी की पावन तलहटी में होली खेलना एक अद्भुत और भक्तिमय अनुभव होता है। चारों ओर रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा से वातावरण आनंदमय बन जाता है। भक्तजन भजन-कीर्तन करते हुए गिर्राज महाराज की परिक्रमा करते हैं और प्रेम से एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। ढोल, मंजीरे और शंख की ध्वनि से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी हर्षोल्लास से होली मनाते हैं। ऐसा लगता है मानो स्वयं गिर्राज जी भक्तों को आशीर्वाद देकर उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भर रहे हों।
राधा रानी जी की सुबह की आरती और दर्शन अत्यंत पवित्र और मन को शांति देने वाले होते हैं। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को सुंदर वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सजाया जाता है। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। भक्त श्रद्धा और प्रेम से आरती में भाग लेकर उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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कम्युनिटी पोस्टिंग के दौरान बच्चों को हाथ धोने के सही तरीके सिखाना स्वास्थ्य शिक्षा का महत्वपूर्ण भाग है। इसमें बच्चों को बताया जाता है कि साफ-सफाई से कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। सबसे पहले हाथों को साफ पानी से गीला करना, फिर साबुन लगाकर हथेलियों, उंगलियों के बीच, नाखूनों और कलाई तक अच्छी तरह रगड़ना सिखाया जाता है। लगभग 20 सेकंड तक हाथ धोने के बाद साफ पानी से हाथों को धोकर साफ तौलिया या हवा से सुखाना चाहिए। बच्चों को खाना खाने से पहले, शौचालय के बाद और खेलने के बाद हाथ धोने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे वे स्वस्थ और सुरक्षित रहते हैं।
राधा रानी जी की सुबह की आरती और दर्शन अत्यंत पवित्र और मन को शांति देने वाले होते हैं। प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। शंख, घंटा और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राधारानी जी को सुंदर वस्त्र, फूलों और आभूषणों से सजाया जाता है। दीपों की उज्ज्वल ज्योति में उनका दिव्य स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। भक्त श्रद्धा और प्रेम से आरती में भाग लेकर उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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