Geeta ji
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Geeta ji
7 Views · 25 days ago

⁣इस वीडियो में प्रस्तुत है श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 का श्लोक 18, शुद्ध संस्कृत उच्चारण और सरल हिंदी अर्थ के साथ।

इस श्लोक में कौरव पक्ष के प्रमुख योद्धाओं का उल्लेख किया गया है, जो युद्ध के लिए पूर्ण रूप से तत्पर हैं। यह श्लोक महाभारत के युद्ध से पहले दोनों पक्षों की स्थिति और मानसिकता को दर्शाता है।
यदि आप भगवद्गीता के श्लोक अर्थ सहित, गीता ज्ञान, संस्कृत श्लोक हिंदी में, और श्रीकृष्ण के दिव्य उपदेश समझना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए उपयोगी है।

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Geeta ji
4 Views · 1 month ago

⁣Shri raghuvar Komal Kamal Nayan

Geeta ji
5 Views · 1 month ago

⁣श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 1 – श्लोक 17

इस श्लोक में
पांडवों द्वारा बजाए गए शंखों का वर्णन है।
यह केवल युद्ध की तैयारी नहीं थी,
बल्कि यह एक घोषणा थी —

✨ जहाँ धर्म है, वहाँ विजय निश्चित है।

शंख की ध्वनि हमें याद दिलाती है कि
जब हम सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हैं,
तो हमारे भीतर भी एक दिव्य साहस जागता है।

यह श्लोक हमें सिखाता है:
✔ आत्मविश्वास रखो
✔ सत्य का साथ मत छोड़ो
✔ ईश्वर पर भरोसा रखो

जय श्रीकृष्ण 🙏
राधे राधे 🌸

Geeta ji
7 Views · 1 month ago

⁣श्रीमद्भगवद्गीता – प्रथम अध्याय – श्लोक 16

इस श्लोक में
भीम द्वारा बजाया गया शंख
केवल एक ध्वनि नहीं है,
बल्कि यह संदेश है —

✨ जहाँ सत्य, साहस और दृढ़ संकल्प होता है,
वहाँ भय टिक नहीं पाता।

भीम का शंखनाद
हमें यह सिखाता है कि
जीवन की लड़ाइयों में
अगर मन मजबूत हो,
तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती 🌼

इस दिव्य श्लोक को
अपनी आवाज़ में सुनिए
और इसके भाव को
अपने जीवन में उतारिए 🕉

✨ जय श्रीकृष्ण
✨ राधे राधे 🙏

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#शक्ति_और_साहस #कृष्णवाणी #सनातन_धर्म #आध्यात्मिक_ज्ञान #जीवन_संदेश

Geeta ji
6 Views · 1 month ago

⁣इस वीडियो में प्रस्तुत है श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 का श्लोक 15, शुद्ध संस्कृत उच्चारण और सरल हिंदी अर्थ के साथ।
इस श्लोक में अर्जुन, भीम, युधिष्ठिर, नकुल और सहदेव द्वारा अपने-अपने शंख बजाने का वर्णन है, जिससे कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि गूंज उठती है और पांडवों की शक्ति का प्रदर्शन होता है।

यदि आप भगवद्गीता के श्लोक अर्थ सहित, गीता ज्ञान, संस्कृत श्लोक हिंदी में, और श्रीकृष्ण के दिव्य उपदेश जानना चाहते हैं, तो यह चैनल आपके लिए है।
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Geeta ji
5 Views · 1 month ago

main hamesha nishchint rahana chahie

Geeta ji
2 Views · 1 month ago

⁣इस वीडियो में प्रस्तुत है श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 का श्लोक 14, शुद्ध संस्कृत उच्चारण और सरल हिंदी अर्थ के साथ।
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन द्वारा अपने दिव्य शंख बजाने का वर्णन है, जिससे पांडव पक्ष का उत्साह बढ़ता है और युद्धभूमि में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

यदि आप भगवद्गीता के श्लोक अर्थ सहित, गीता ज्ञान, संस्कृत श्लोक हिंदी में, और श्रीकृष्ण के उपदेश जानना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए उपयोगी है।
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Geeta ji
7 Views · 1 month ago

🥺

Geeta ji
9 Views · 1 month ago

⁣इस वीडियो में प्रस्तुत है श्रीमद्भगवद्गीता का पहला अध्याय (अर्जुन विषाद योग) का दशवाँ श्लोक।
यह श्लोक कौरव और पांडव सेनाओं की तुलना, दुर्योधन की चिंता और युद्ध की मानसिक स्थिति को दर्शाता है।

🔹 अध्याय: 1 (अर्जुन विषाद योग)
🔹 श्लोक: 10
🔹 विषय: पांडवों की सेना की शक्ति और दुर्योधन की आशंका
🔹 स्थान: धर्मभूमि कुरुक्षेत्र

यह श्लोक हमें सिखाता है कि अधर्म के मार्ग पर खड़ा व्यक्ति भीतर से भयभीत रहता है, चाहे उसके पास कितनी भी बड़ी शक्ति क्यों न हो।

🙏 गीता के दिव्य श्लोकों को समझने और आत्मिक शांति के लिए चैनल को Like, Share और Subscribe करना न भूलें।

Geeta ji
6 Views · 1 month ago

⁣इस वीडियो में हम श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 का श्लोक 9 का शुद्ध उच्चारण, सरल हिंदी अर्थ और गहरा आध्यात्मिक संदेश जानेंगे।
कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में दुर्योधन अपनी सेना की शक्ति और योद्धाओं का वर्णन करते हुए यह श्लोक कहता है, जो महाभारत के प्रसंग को और स्पष्ट करता है।

अगर आप भगवद्गीता के श्लोक अर्थ सहित, गीता ज्ञान, संस्कृत श्लोक हिंदी में, अध्याय 1 गीता सीखना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बहुत उपयोगी है।
वीडियो को पूरा देखें और Like, Share, Subscribe जरूर करें।

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7 Views · 1 month ago

⁣इस वीडियो में हम श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 1 का श्लोक 8 सरल हिंदी अर्थ और उच्चारण के साथ समझेंगे।

महाभारत के युद्धभूमि कुरुक्षेत्र में बोले गए इस दिव्य श्लोक में दुर्योधन अपनी सेना के प्रमुख योद्धाओं का वर्णन करता है।
यदि आप भगवद्गीता के श्लोक, गीता ज्ञान, संस्कृत श्लोक अर्थ सहित, गीता अध्याय 1 सीखना चाहते हैं तो यह वीडियो आपके लिए है।

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Geeta ji
7 Views · 1 month ago

⁣गीता का सातवाँ श्लोक
हमें यह सिखाता है कि
भीतरी असुरक्षा अक्सर बाहरी घमंड के पीछे छिपी होती है।

दुर्योधन अपनी सेना की ताकत और पांडवों की स्थिति जानने के लिए
गुरु द्रोणाचार्य और अन्य वरिष्ठों से पूछता है।
वह केवल संख्या नहीं देखता,
बल्कि भीतरी भय और असुरक्षा का सामना कर रहा होता है।

यह श्लोक हमें जीवन में यह समझने में मदद करता है कि
जो व्यक्ति केवल बाहरी शक्ति पर भरोसा करता है,
वह कभी सच्चे आत्मविश्वास को महसूस नहीं कर पाता।

गीता का यह श्लोक
हमें सिखाता है कि सच्ची ताकत भीतर से आती है, भय से नहीं।

अगर आप चाहते हैं कि
आपकी आंतरिक शक्ति मजबूत हो और भय दूर हो,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌿

🙏 धन्यवाद —
सिर्फ़ सुनने के लिए नहीं,
भीतर से समझने के लिए।

Geeta ji
10 Views · 1 month ago

⁣गीता का छठा श्लोक
हमें यह सिखाता है कि
दृष्टिकोण जीवन की वास्तविकता को आकार देता है।

दुर्योधन अपने सलाहकारों से पूछता है
कि पांडव किस स्थिति में हैं,
क्योंकि वह केवल अपने ही नजरिए से देखता है।
उसकी आँखें तथ्यों से नहीं,
भावना और भय से प्रभावित हैं।

यह श्लोक बताता है कि
जब हम परिस्थितियों को केवल डर या अहंकार से देखते हैं,
तो हमारी समझ अधूरी रहती है।
सच्चा ज्ञान तब आता है,
जब हम निष्पक्ष दृष्टि अपनाते हैं।

जीवन में भी यही सत्य है —
सिर्फ़ वही व्यक्ति सही निर्णय ले सकता है
जो भावनाओं में फंसे बिना,
सच्चाई को देख सके।

गीता का यह श्लोक
हमें सतर्क दृष्टि और विवेक का महत्व सिखाता है।

🙏 धन्यवाद —
सिर्फ़ देखने के लिए नहीं,
समझने के लिए।

Geeta ji
5 Views · 2 months ago

⁣गीता का पाँचवाँ श्लोक
दुर्योधन के कथन के माध्यम से
एक गहरा सत्य प्रकट करता है —

जहाँ धर्म होता है,
वहाँ शक्ति स्वतः प्रकट होती है।

पांडवों की ओर से
भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य जैसे नहीं,
बल्कि ऐसे वीर योद्धा खड़े हैं
जो धर्म के लिए युद्ध कर रहे हैं।

यह श्लोक हमें सिखाता है कि
जब उद्देश्य शुद्ध होता है,
तो साधन स्वयं सशक्त हो जाते हैं।

जीवन में भी
अगर हम सही मार्ग पर खड़े हों,
तो विरोध के बीच भी
एक अदृश्य बल हमारा साथ देता है।

गीता का यह श्लोक
हमें आश्वस्त करता है कि
धर्म कभी अकेला नहीं होता।

अगर आप जीवन में
सही के साथ खड़े होने का साहस चाहती हैं,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌿

🙏 धन्यवाद —
गीता को ग्रंथ नहीं,
मार्गदर्शक मानने के लिए।

Geeta ji
10 Views · 2 months ago

⁣गीता का चौथा श्लोक
हमें यह दिखाता है कि
जो भीतर से डगमगाता है,
वह बाहर से शक्ति का प्रदर्शन करता है।

दुर्योधन अपने पक्ष के
महावीर योद्धाओं के नाम गिनाता है —
मानो वह दूसरों को नहीं,
खुद को समझा रहा हो कि वह मजबूत है।

यह श्लोक सिखाता है कि
जब आत्मविश्वास भीतर से आता है,
तो उसे शब्दों में साबित करने की ज़रूरत नहीं होती।

जीवन में भी जब हम
बार-बार अपनी उपलब्धियाँ गिनाने लगती हैं,
तो यह संकेत होता है कि
हम भीतर कहीं असुरक्षित हैं।

गीता का यह श्लोक
हमें सिखाता है कि
सच्ची शक्ति शोर नहीं करती,
वह शांत होती है।

अगर आप जीवन में
शक्ति और अहंकार के अंतर को समझना चाहती हैं,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌸

🙏 धन्यवाद —
शब्दों को सुनने के लिए नहीं,
भाव को समझने के लिए।

Geeta ji
6 Views · 2 months ago

⁣गीता का तीसरा श्लोक
हमें यह सिखाता है कि
जहाँ अहंकार होता है, वहाँ भीतर कहीं न कहीं भय छिपा होता है।

दुर्योधन अपनी सेना की विशालता देखकर भी
निश्चिंत नहीं है।
वह गुरु द्रोणाचार्य के पास जाकर
सेना की गिनती करवाता है।

यह श्लोक बताता है कि
जो व्यक्ति स्वयं धर्म पर नहीं खड़ा होता,
वह शक्ति के होते हुए भी
अस्थिर रहता है।

जीवन में भी जब हम
केवल संख्या, पद और बल पर भरोसा करते हैं,
तो भीतर का भय समाप्त नहीं होता।

गीता हमें सिखाती है —
सच्ची शक्ति धर्म से आती है,
और धर्म आत्मविश्वास देता है।

यह श्लोक
अहंकार और असुरक्षा के
सूक्ष्म अंतर को उजागर करता है।

अगर आप जीवन में
डर के कारणों को समझना चाहती हैं,
तो यह श्लोक आपके लिए है। 🌿

🙏 धन्यवाद —
गीता को पढ़ने के लिए नहीं,
स्वयं को पढ़ने के लिए।

Geeta ji
8 Views · 2 months ago

⁣श्रीमद्भगवद्गीता का पहला श्लोक केवल एक संवाद नहीं,
जीवन के सबसे गहरे प्रश्न की शुरुआत है।

धृतराष्ट्र का प्रश्न —
“धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे…”
यह प्रश्न आज भी हर मनुष्य के भीतर गूंजता है।
जब जीवन धर्म और अधर्म के बीच खड़ा होता है,
तब मन पूछता है — अब क्या होगा?

गीता का पहला श्लोक हमें सिखाता है कि
जहाँ धर्म होता है,
वहाँ प्रश्न होते हैं,
संघर्ष होता है,
और वहीं से ज्ञान का जन्म होता है।

यह चैनल गीता को केवल श्लोक के रूप में नहीं,
बल्कि जीवन के मार्गदर्शन के रूप में प्रस्तुत करता है।

अगर आप शांति, समझ और आत्मबोध की तलाश में हैं,
तो यह यात्रा आपके लिए है। 🌸

🙏 सुनने के लिए नहीं,
जीने के लिए।

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