¿Tienes 18 años o más?
Suscriptores
विजय बोले धीमे-धीमे, “सरोज तू मेरी रानी…” थारे बिना अधूरी लागे, हर एक मेरी कहानी। घूंघट में चाँद शरमायो, सेहरे में नूर समायो। आज दो दिल एक हुए हैं, रिश्तो रब ने निभायो।