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热门视频

mitukarecha
3 意见 · 4 月 前

Mahakali

MOVIES HUB
3 意见 · 4 月 前

High quality editing materials #shorts #viral

ODIA SAMBAD
3 意见 · 4 月 前

#latestnews #latestupdate #odisha #odishanews #odishatv #otv #pratidinnews #kanaknews
ଆମେରିକା ସହ ଐତିହାସିକ LPG ଡି଼ଲ୍ କଲା ଭାରତ।
Disclaimer: - Under section 107 of the copyright Act 1976, allowance is mad for FAIR USE for purpose such a as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship and research. Fair use is a use permitted by copyright statues that might otherwise be infringing. Non- Profit, educational or personal use tips the balance in favor of FAIR USE.

Kabhishek
3 意见 · 4 月 前

Cat vs rat fight

singhpriyanka
3 意见 · 4 月 前

parrot jim tranneror monket tranee
#shorts,#reels,#virel shorts, comidy,#tranding,#

ODIA SAMBAD
3 意见 · 4 月 前

#latestnews #latestupdate #odisha #odishanews #odishatv #otv #pratidinnews #kanaknews ଆଲର୍ଟ ଜାରି କଲା ଭାରତୀୟ ପାଣିପାଗ ବିଭାଗ।
Disclaimer: - Under section 107 of the copyright Act 1976, allowance is mad for FAIR USE for purpose such a as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship and research. Fair use is a use permitted by copyright statues that might otherwise be infringing. Non- Profit, educational or personal use tips the balance in favor of FAIR USE.

Sanjay
3 意见 · 4 月 前

fly

Aisupertech
3 意见 · 4 月 前

हिंदी मस्त सांग 💥🌹👍👌#@@💐🏵️🫡🫡

BadalMistry
3 意见 · 4 月 前

shaan & palak muchhal songs

Aisupertech
3 意见 · 4 月 前

सदाबहार सांग #@@💥💥🌹🥹🌺🏵️🫡🫡#

storyteller
3 意见 · 4 月 前

⁣झारखंड के घने जंगलों के बीच बसे छोटे से गाँव उलीहातू में 15 नवंबर 1875 को एक ऐसा बच्चा जन्मा, जिसने आगे चलकर अंग्रेज़ों को चुनौती दी और अपने लोगों के दिलों में भगवान जैसा स्थान पा लिया। वह बच्चा था — बिरसा मुंडा। बचपन से ही बिरसा दूसरों से अलग थे। तेज़ दिमाग, जिज्ञासा और असाधारण नेतृत्व क्षमता उनके अंदर साफ झलकती थी। वे जंगल के पेड़ों, नदी, मिट्टी से गहरा लगाव रखते थे। उनका मानना था कि “धरती हमारी माँ है” और उसकी रक्षा हमारा कर्तव्य। समय बीतता गया। अंग्रेज़ों ने नई जमीन नीति लागू की, जिसमें आदिवासियों की जमीन जमींदारों और बाहरी लोगों को दे दी गई। जंगलों में प्रवेश और लकड़ी काटने पर भी रोक लगा दी गई। सदियों से अपनी धरती पर जो समुदाय स्वतंत्र था, वह अब गरीबी, भूख और अन्याय के जाल में फँसने लगा। बिरसा ने यह सब अपनी आँखों से देखा। वे समझ चुके थे कि अब चुप रहना संभव नहीं। उनके भीतर एक आग जल उठी — अन्याय के खिलाफ खड़े होने की आग। युवावस्था में उन्होंने पढ़ाई के दौरान समाज में फैलते नशे, अंधविश्वास और कुरीतियों को भी देखा। उन्होंने समझ लिया कि जब तक उनका समाज जागेगा नहीं, तब तक कोई लड़ाई जीती नहीं जा सकती। यही सोचकर बिरसा ने समाज सुधार की शुरुआत की — लोगों से कहा, शराब छोड़ो, मेहनत करो, अपने अधिकार को पहचानो। धीरे–धीरे लोग उनके आसपास इकट्ठा होने लगे। किसी ने उन्हें नेता कहा… किसी ने मसीहा… और कुछ लोगों ने तो उन्हें भगवान का अवतार मान लिया। लोग उन्हें “धरती आबा” कहने लगे। और फिर आया साल 1899— जब बिरसा ने अपने लोगों को संगठित कर अंग्रेज़ सरकार और अत्याचारी जमींदारों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। इस आंदोलन का नाम पड़ा — उलगुलान, यानी महाविद्रोह। बिरसा का नारा जंगलों में गूंजने लगा — “अबुआ दिसुम, अबुआ राज” #knowledge#life#jharkhand#history

Bishnu
3 意见 · 4 月 前

first love 💟

India_mylove_143 India_mylove_143
3 意见 · 4 月 前

⁣ભગવાન રામ કેમ પૂંજાય છે???

tarunsharma3483
3 意见 · 4 月 前

⁣How Scammers are Destroying India_s Image

Jonakimusicband
3 意见 · 4 月 前

SONG ALBUM_ শূন্য পথের বাঁকে Shunno Pother Baanke

rupeshkum
3 意见 · 4 月 前

⁣मजेदार हास्य कहानी


एक छोटे से कस्बे में रमेश नाम का आदमी रहता था। वह हमेशा दूसरों की तारीफ़ करने में पीछे नहीं हटता था। उसकी आदत थी कि वह किसी की भी, कभी भी, कहीं भी तारीफ़ कर देता—चाहे जिस बात की ज़रूरत हो या नहीं।


एक दिन रमेश की मुलाकात उसके पड़ोसी शyamlal से हुई। शyamlal ने नए कपड़े सिलवाए थे, पर सिलाई कुछ अजीब थी—कॉलर टेढ़ा, बटन उल्टा और फिटिंग ढीली।


रमेश ने अपनी आदत के अनुसार तुरंत बोल दिया,
“वाह शyamlal जी! क्या शर्ट है! बिल्कुल फिल्मी हीरो लग रहे हो!”


शyamlal फूलकर कुप्पा हो गया।
वह उसी उत्साह में दर्जी के पास पहुँचा और बोला,
“देखो, मेरी शर्ट पर सब मेरी तारीफ़ कर रहे हैं!”


दर्जी ने देखा और हँसकर बोला,
“ये शर्ट तो खराब सिल गई है, तारीफ़ किसने की?”


शyamlal ने गर्व से कहा, “रमेश ने!”


दर्जी भड़क गया, “तो इसका मतलब मैंने गलत सिलाई की और रमेश ने मज़ाक उड़ाया! मैं जरूरत तुम्हें नई शर्ट मुफ़्त में दूँगा!”


लेकिन साथ ही उसने कहा, “पहले रमेश को लेकर आओ, मुझे भी सुनना है उसने क्या तारीफ़ की थी!”


अब शyamlal ने रमेश को पकड़ लिया।
“चलो मेरे साथ! तुम्हारी ही वजह से मैं फँस गया हूँ।”


दर्जी ने रमेश से पूछा,
“तुमने मेरी सिलाई की तारीफ़ क्यों की?”


रमेश डर गया और बोला,
“मैं तो बस आदत से मजबूर हूँ… मैं तो हर चीज़ की तारीफ़ कर देता हूँ!”


दर्जी ने गुस्से में कहा,
“तो भाई, ज़रूरत से ज्यादा तारीफ़ करोगे तो नुकसान तो होगा ही!”


कहानी यहीं खत्म नहीं हुई—घर लौटकर शyamlal ने रमेश को कहा,
“आज से मेरी किसी चीज़ की तारीफ़ मत करना! नहीं तो इस बार शर्ट नहीं, मेरी बीवी मुझे कसेगी!”


अब रमेश सीख गया—तारीफ़ भी सोच-समझकर करनी चाहिए, नहीं तो वाकई… ‘तारीफ़ भी पड़ जाती है महंगी!’

BaldevNishad
3 意见 · 4 月 前

contact number 8737873563

Manishdhart
3 意见 · 4 月 前

a mini house making for the Bloks




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