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— Team ApnaTube

Corti Creare

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Krishna द्वारा कही गई Bhagavad Gita मानव जीवन के लिए एक अमूल्य आध्यात्मिक ग्रंथ है। गीता का उपदेश महाभारत के युद्ध के समय कुरुक्षेत्र की रणभूमि में दिया गया था, जब अर्जुन अपने ही परिजनों, गुरुजनों और मित्रों के विरुद्ध युद्ध करने की स्थिति में मोह और भ्रम से भर गए थे। उस समय श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन, कर्तव्य, आत्मा और परम सत्य का ज्ञान दिया।
गीता का मुख्य संदेश है — धर्म का पालन, निष्काम कर्म और आत्मज्ञान। श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि आत्मा अमर है, वह न जन्म लेती है और न ही मरती है। शरीर नश्वर है, परंतु आत्मा शाश्वत है। इसलिए मनुष्य को मृत्यु का भय छोड़कर अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। यह शिक्षा केवल युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के जीवन पर लागू होती है, जब वह कठिन निर्णयों के सामने खड़ा होता है।
श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का सिद्धांत समझाया — “कर्म करो, फल की चिंता मत करो।” इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति को अपना कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए, लेकिन परिणाम को भगवान पर छोड़ देना चाहिए। फल की आसक्ति मन में चिंता, भय और अहंकार उत्पन्न करती है। जब मनुष्य निष्काम भाव से कर्म करता है, तब वह मानसिक शांति और सच्ची सफलता प्राप्त करता है।
गीता में ज्ञानयोग और भक्तियोग का भी विस्तार से वर्णन है। ज्ञानयोग आत्मा और परमात्मा के सत्य को समझने का मार्ग है, जबकि भक्तियोग प्रेम और समर्पण का मार्ग है। श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो व्यक्ति सच्चे हृदय से उनका स्मरण करता है, वे उसकी रक्षा स्वयं करते हैं। भक्ति से मन शुद्ध होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
एक और महत्वपूर्ण संदेश है संतुलन और संयम। गीता सिखाती है कि जीवन में अत्यधिक आसक्ति, क्रोध, लोभ और अहंकार दुख का कारण बनते हैं। जो व्यक्ति अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखता है, वही सच्चा योगी है। गीता हमें सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, हमें धैर्य और स्थिर बुद्धि बनाए रखनी चाहिए।

BIND

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khejdi ka ped

khejdi ka ped ka Rahasya isase piche kya Raj Hai kyon nahin kata jata

AmitKumarJangid

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⁣Har har Mahadev Jai shiv shankar

Niranjan

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Hello friends mere dusra vlogs

om ji

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BGMI VLOG 1

kd_godara_bmr

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