close

ApnaTube Android App ab available hai.
Videos dekhiye, points earn kijiye aur apna content upload kijiye. Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.apnatube.in

Clipo Create

किस्मत और साथ कभी कभी मिलते हैं

Dinesh Nagar

1

11

premenand ji Maharaja

Bhajan_Marj

4

16

Romantic

chandan1

1

6

har har mahadev💟

Jaat 51

3

14

a

Soni Kumari

0

5

शरीर जड़ यंत्र है और चेतना (आत्मा) वह बिजली है जिससे यह यंत्र सक्रिय होता है।

​तो फिर भोगता कौन है?

​जन्म-मरण, सुख-दुख और पाप-पुण्य का भोग न तो शुद्ध चेतना करती है और न ही मृत शरीर। इसे भोगता है 'अहंकार' (Ego)।

​जब चेतना स्वयं को इस शरीर और मन के साथ जोड़ लेती है (तादात्म्य कर लेती है), तो एक मिथ्या सत्ता पैदा होती है जिसे हम 'मैं' (अहंकार) कहते हैं।

​यह 'मैं' ही कहता है—मैंने खाया, मैं दुखी हूँ, मैंने पाप किया।

​चेतना केवल शक्ति देती है, लेकिन भोगता वह 'अहंकार' है जो स्वयं को शरीर मान बैठा है।

ध्यान समाधि

0

3