close


Copyright Warning – ApnaTube


Do not upload movies, web series, TV shows, or any copyrighted content without proper authorization. You are given 24 hours to remove any copyrighted material from your channel. If our team finds any copyrighted content after this period, your channel will be permanently terminated without further warning. Upload only original or authorized content.


ApnaTube Team | www.apnatube.in


Clipo Créer

Jai Shree Ram 🙏🌺

Manish Chaudhary

0

7

एक छोटा सा क्यूट बंदर, जिसे उसकी गरीबी की वजह से बर्थडे पार्टी में शामिल नहीं किया गया।
लेकिन मेहनत, धैर्य और अच्छे दिल से वही बंदर अमीर बनता है और अपनी ही पार्टी में सबको बुलाकर दावत देता है।
यह कहानी सिखाती है कि मेहनत और अच्छाई कभी बेकार नहीं जाती। ❤️
👉 वीडियो पसंद आए तो Like 👍
👉 Comment ✍️
👉 Share जरूर करें 🔁

kookootv

0

12

⁣Agye dark circle😂
#comedy #viralvideo #apnatube

Deep Nayak

2

4

video halchal

102296431246693525397

1

9

शादी से पहले ऐसा था मेरा दोस्त 🤔

Suraj

1

10

मैं धूम्रपान का आदि हुँ
भोले को भांग चढाता हूँ
प्रसाद में चढाई भांग को
फिर मैं ही लेके जाता हुँ
फिर यार दोस्त बुलाता हूँ
ऐसा माहोल बनाता हूँ
चिलम में भरके माल को
महफिल में ही खो जाता हूँ
मंदिर तो आता जाता नहीं
ना पूजा मैं ना जाप करूं
नहीं भागवत गीता जानू मैं
क्यों रामायण का पाठ करूं
पर तिलक लगाकर मस्तक पर
कभी-कभी मैं धर्म का बात करूं
और प्रशंसनीय बनने को
दिखावे का राम-राम करूं
जान ऐसा क्यों हुं मैं
ना सुधारने का प्रयास करूँ
शनि मंगल को छोड़कर
मैं कभी भी मदिरापान करूँ
मैं वही हूँ यारो जो खुलके
बाजार में लडकी घूरता
मंदिर में बैठी माता को मैं
देवी समझ के पूजता
जब बाहर जाती बहन तो मैं
सदा जाने से रोकता
माहोल थोडा गंदा है
मैं बात बात पर टोकता
पर रोकूँ ना मैं खुद्र को कभी
जब खुद्र आँवरा घूमता
मैं खुद्र कभी ना सोचूँ कभी
परनारी को जब देखता
मैं अपनी मां को मां मानु
बहना को गहना मानुं मैं
पर बात पराई की आये
मोमबत्ती में भी जलाता हूँ
दुनिया को बदलना चाहूँ मैं
पर बदलना खुद्र को पाता हुँ
मैं मजे मजे में कभी कभी
थोडी गाली भी दे देता हूँ
हर बरस मजे से जलाता हूँ
भीतर में बैठे रावण को मैं
सदा सुरक्षित पाता हूँ
परिवार पशु का खाकर मैं
खुद्र चैन की नींद सोता हूँ
यदि अपना कोई मर जाये तो
मैं फुठ-फुठ कर रोता हूँ
बकरा मुर्गा मछली को में
बड़े शौक से खाता हूं
मंगल और शनि को
मैं बहुत बड़ा भक्त बन जाता हूं
मैं शर्म करूं क्या
मैं मानव कहलाता हूं
मैं मानव के रूप में
हैवान हु हैवान हा हा हा

ansh kumar

0

3