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Pantalones cortos crear

viral #
short #
jay. shree. radha

ravi

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⁣आकाशे शत्रुन् जहि I

Tejaspreet

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एक शहर में एक लड़का रहता था जो दौड़ में हमेशा दूसरे नंबर पर आता था।
पहले साल — दूसरा नंबर।
दूसरे साल — फिर दूसरा नंबर।
तीसरे साल — फिर वही परिणाम।
लोग कहने लगे, “तुम जीतने के लिए नहीं बने हो।”
लड़का बहुत निराश हुआ। उसने सोचा अब छोड़ देता हूँ।
उसी समय उसे Milkha Singh की कहानी याद आई —
जिन्हें “फ्लाइंग सिख” कहा गया, लेकिन उन्होंने भी कई बार हार देखी थी।
लड़के ने सोचा,
“अगर मैं हार के डर से रुक गया, तो सच में हार जाऊँगा।”
अगले साल उसने पहले से ज्यादा अभ्यास किया।
सुबह 4 बजे उठना, सही खान-पान, रोज़ एक्स्ट्रा प्रैक्टिस…
और रेस के दिन —
इस बार वह पहले नंबर पर आया। 🥇
जब उससे पूछा गया —
“इस बार क्या अलग किया?”
उसने जवाब दिया —
“इस बार मैंने हार मानने का विकल्प ही खत्म कर दिया।”
💡 सीख:
हार स्थायी नहीं होती, कोशिश छोड़ देना स्थायी होता है।
जो आखिरी कोशिश करता है, वही इतिहास बनाता है।
खुद पर विश्वास सबसे बड़ी ताकत है।
याद रखो:
“जब तक आप खुद हार नहीं मानते, तब तक कोई आपको हरा नहीं सकता।” 💯🔥
अगर चाहो तो मैं स्टूडेंट, स्पोर्ट्स या दोस्ती पर भी अलग मोटिवेशन स्टोरी बना दूँ 😊

Er.Naimish Pal

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⁣__bhakti_zone_dd220bc806fb4507becb11c583c95ff4

Tejaspreet

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⁣The cat pushed the fish in my hand into the water

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*।।ओ३म्।।*

🙏 सादर नमस्ते जी।

*∆∆• दिवि विष्णुर्व्यक्रंस्त जागतेन०॥(यजु० २-२५)*

*भावार्थ:-* *जो जो मनुष्य लोग सुगंधि आदि पदार्थ अग्नि में छोड़ते हैं वे अलग-अलग होकर सूर्य के प्रकाश तथा भूमि में फैलकर सब सुखों को सिद्ध करते हैं। मनुष्य को उचित है कि इसी प्रकार बार-बार पुरुषार्थ से दोष, दुःख और शत्रुओं को अच्छी प्रकार निवारण करके सुख भोगना और भुगवाना चाहिए तथा यज्ञ से शुद्ध वायु जल ओषधि और अन्न की* *शुद्धि के द्वारा आरोग्य, बुद्धि और शरीर के बल की वृद्धि से अत्यंत सुख को प्राप्त होकर विद्या के प्रकाश से नित्य प्रतिष्ठा को प्राप्त होना चाहिए॥२५॥*

(महर्षिदयानंदकृत यजुर्वेदभाष्य से उद्धृत)

प्रस्तुति:- ध्रुवदेव, दर्शनयोग महाविद्यालय, आर्यवन, रोजड

दीपक००० दीपक०००

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