7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हुए काफी समय बीत चुका है। अब कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि 2026 में इसके गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो वेतन ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनमें बेसिक सैलरी और विभिन्न भत्तों में संशोधन शामिल होगा।
नई वेतन संरचना का संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि नई वेतन संरचना लागू होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कुल सैलरी पैकेज मजबूत बनेगा और खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों को राहत मिलेगी। यह कदम लंबे समय से रुके वेतन सुधार की दिशा में अहम माना जा रहा है।
महंगाई भत्ता, जिसे डीए कहा जाता है, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय का अहम हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य महंगाई के कारण बढ़ती कीमतों का संतुलन बनाना होता है। डीए की गणना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है, जो बाजार में जरूरी वस्तुओं की वास्तविक कीमतों को दर्शाता है। हाल के महीनों में महंगाई के आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इसी वजह से 17 जनवरी 2026 से डीए में इजाफे की संभावना जताई जा रही है।