पारदर्शिता एवं निष्ठा
(ପାରଦର୍ଶିତା ଏବଂ ନିଷ୍ଠା)
तत्पर सदा कुछ देने हेतु,
निष्ठा से आतुर तु,
यह व्यग्रता भी तो हो सकता है,
या फिर जल्दबाजी !
हां, पर कसौटी पर
खरा उतरे जब,
तब तु भी जाने,
तु सच्चा था,
एक अबोध बालक के तरह ;
जिसमे, सिखने, चलने, दौड़ने ;
उड़ान भरने के लिए,
सदा ही दिखता,
सत्यता से भरा निष्ठा
एवं सम्पूर्ण
पारदर्शिता ।