क्लिपो

Sunil Choudhary
5 विचारों · 3 महीने पहले

एक आदमी…
चारों तरफ समुंदर, ऊपर खुला आसमान, और दूर-दूर तक कोई इंसान नहीं।
पहले दिन उसे डर लगा।
दूसरे दिन उसे गुस्सा आया।
तीसरे दिन उसे समझ आया — अब लड़ाई हालात से नहीं, खुद से है।
भूख से ज्यादा उसे अपनों की याद सताती है।
तन्हाई से ज्यादा उसे अपने अधूरे सपने चुभते हैं।
वह हर सुबह उठता है, एक उम्मीद के साथ —
शायद आज कोई जहाज़ दिख जाए…
या शायद आज वह खुद को और मज़बूत बना पाए।
इस सुनसान टापू पर वह सिर्फ ज़िंदा रहने की कोशिश नहीं कर रहा…
वह सीख रहा है —
इंसान बाहर से नहीं, अंदर से टूटता है…
और वहीं से दोबारा बनता भी है।

Sunil Choudhary
7 विचारों · 3 महीने पहले

⁣तुम टूट नहीं रहे हो…तुम मजबूत बन रहे हो, बस अभी शोर नहीं कर रहे।” 💔#treding

और दिखाओ