Chunna Maurya
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“सोच से शब्द तक: हर कहानी की एक आवाज़” “हर दिन कुछ नया सीखो” “लफ्ज़ों की दुनिया” 💡 मोटिवेशन / लाइफ “
“सोच से शब्द तक: हर कहानी की एक आवाज़”
“हर दिन कुछ नया सीखो”
“लफ्ज़ों की दुनिया”
💡 मोटिवेशन / लाइफ
“आज नहीं तो कब?”
“छोटे कदम, बड़ी उड़ान”
“खुद से बेहतर बनने की डायरी”
😄 फनी / एंटरटेनमेंट
“हँसी का डोज़”
“थोड़ा हँस लो यार”
“जिंदगी मज़ाक नहीं… मगर हँसना जरूरी है”
🤖 टेक / AI
“टेक की नई दुनिया”
“भविष्य आज”
“AI से आगे”
अगर तुम चाहो तो बताओ:
ब्लॉग किस टॉपिक पर है?
हिंदी या इंग्लिश?
सीरियस, फनी या प्रोफेशनल टोन?
मैं उसी हिसाब से परफेक्ट टाइटल बना दूँगा 🔥
एक बूढ़ी माँ रोज़ भगवान से दुआ करती थी।
बेटा बोला, “माँ, रोज़ क्या माँगती हो?”
माँ बोली,
एक गरीब किसान खेत में खड़ा आसमान की तरफ देखता है,
हाथ में हल, पैरों में मिट्टी और दिल में हज़ारों सवाल।
वो भगवान से शिकायत नहीं करता,
बस एक मासूम-सी दुआ करता है —
“हे भगवान! अगर अमीर बना नहीं सकते तो
कम से कम फसल काटने के बाद
कर्ज भी मेरे साथ-साथ खेत में ही दबा देना!”
यह चुटकुला सिर्फ हँसाने के लिए नहीं है,
यह उस किसान की आवाज़ है
जो दिन-रात मेहनत करता है,
फिर भी कर्ज से पीछा नहीं छुड़ा पाता।
🌱 फसल उगती है,
😓 पसीना बहता है,
📄 लेकिन कर्ज की फाइल मोटी होती जाती है।
इस हँसी के पीछे छुपा है
गरीब किसान का संघर्ष,
उसकी मजबूरी और उसकी उम्मीद।
👉 कभी हँसते-हँसते सोचिएगा ज़रूर,
क्योंकि यह मज़ाक नहीं,
सच की हल्की-सी चुभन है।
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