Clipo
कभी समय मिले तो आना पढ़ने,
मैं जज्बात लिखता हूँ।
लगे जाकर जो सीधी दिल पर,
मैं वो बात लिखता हूँ।
कोहिनूर सा हीरा हूँ,
यूँ बाजारों में न बिकता हूँ।
चीखती हुई कलम से
मैं आग लिखता हूँ।
मैं तो समझा था कि ज़ख्म हैं भर जायेगा ,
क्या खबर थी कि रोग दिल में उतर जायेगा ,
एक दम ठीक ही लिखा था मेरी हाथ की लकीरों में ..
तू अगर प्यार करेगा तो बिखर जायेगा ..!
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