गदर कस्वां
|Prenumeranter
Senaste videorna
ओ मेरे नटवर लाल गिरधर ग्वाल,
बजाओ बांसुरी की धुन,
तेरे चरणों में मेरा तन मन,
मुझको चढ़ादे अपना ये रंग...
ओ मेरे नटवर लाल गिरधर ग्वाल,
ओ बांसुरी की धुन सुना,
तेरे चरणों में मेरा सारा संसार,
मुझको अपना बना...
यमुना किनारे तेरी लीला न्यारी,
गोपियों संग रास रचाए,
मोर मुकुट सिर, बजे मुरली हाथ में,
मन को मेरा भाए...
तेरी सूरत में बसी है दुनिया,
तेरी माया अपार,
तेरे संग जुड़ा नाम राधा,
इस नाम के बिना तेरा नाम आधा...
ओ ओ मेरे नटवर लाल गिरधर ग्वाल,
बजाओ बांसुरी की धुन,
तेरे चरणों में मेरा तन मन,
मुझको चढ़ादे अपना ये रंग...
माखन चोर तू नंदलाला,
संग तेरे चले ग्वालों की टोली,
आवत जावत गुजरिया की फोड़े मटकी,
मार मार कांकरिया...
तेरी भक्ति में खो जाऊँ मैं,
तेरे दर पर आकर तुझे नाच नाच दिखाऊं,
मीरा के बस तेरा ही नाम जुबां पे,
हर जन्म में बार-बार तेरे भजन ही सुनाऊं...
आ जा मेरे श्याम सांवरे,
अंखियों में बस जा,
तेरी मुरली की मधुर तान से,
कहे अशोक मन मेरा हरषा...
ओ मेरे नटवर लाल गिरधर ग्वाल,
ओ बांसुरी की धुन सुना,
ओ मेरे नटवर लाल गिरधर ग्वाल,
बजाओ बांसुरी की धुन,
तेरे चरणों में मेरा तन मन,
मुझको चढ़ादे अपना ये रंग...
