أحدث مقاطع الفيديو

Ram
9 المشاهدات · منذ 2 الشهور

भगवान शिव भी स्तब्ध रह गए… जब एक परम भक्त अपने पैरों पर नहीं, अपने हाथों पर चलते-चलते कैलाश पहुँच गई।
यह कोई साधारण भक्ति नहीं थी—यह था समर्पण, त्याग और शिव प्रेम का सर्वोच्च रूप।
यह कथा है करेक्कल अमैयार (पुनीतावती) की—
जिन्होंने संसार का त्याग कर, शिव भक्ति में अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।
कहते हैं उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने नटराज रूप में तांडव किया और उन्हें “अम्मा” कहकर पुकारा।
🙏 ऐसी ही दिल छू जाने वाली शिव कथाओं के लिए चैनल को Subscribe करें और वीडियो को Like जरूर करें।
🔱 हर हर महादेव!