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दही और गुड़ का मेल आयुर्वेद में एक सुपरफूड माना जाता है। यह न केवल शरीर को पोषण देता है, बल्कि कई पुरानी बीमारियों को जड़ से खत्म करने या उनके लक्षणों में बहुत सुधार करने में मदद करता है।
मुख्य रूप से दही और गुड़ का सेवन निम्नलिखित बीमारियों में सबसे ज्यादा प्रभावी है:
1. एनीमिया (खून की कमी) - सबसे प्रभावी
एनीमिया यानी शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए यह सबसे बेहतरीन घरेलू उपाय है।
कैसे काम करता है: गुड़ आयरन का पावरहाउस है और दही शरीर को इसे सोखने में मदद करता है। नियमित सेवन से खून की कमी जड़ से खत्म हो सकती है।
2. पाचन तंत्र की पुरानी बीमारियाँ
यदि आपको वर्षों से पेट की समस्या है, तो दही-गुड़ का कॉम्बो रामबाण है।
कब्ज और गैस: दही के प्रोबायोटिक्स (अच्छे बैक्टीरिया) और गुड़ के पाचक एंजाइम्स मिलकर पुरानी कब्ज, ब्लोटिंग और एसिडिटी को ठीक करते हैं।
मेटाबॉलिज्म: यह शरीर की चयापचय प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे खाना सही से पचता है और शरीर में विषाक्त पदार्थ (Toxins) जमा नहीं होते।
3. जोड़ों का दर्द और हड्डियाँ
दही कैल्शियम का बड़ा स्रोत है और गुड़ में मैग्नीशियम होता है। इन दोनों का साथ में सेवन करने से हड्डियाँ मजबूत होती हैं और जोड़ों के दर्द (Arthritis) में आराम मिलता है।
4. श्वसन संबंधी समस्याएं (Respiratory Issues)
गुड़ की तासीर गर्म होती है और इसमें एंटी-एलर्जिक गुण होते हैं। दही के साथ इसे लेने से अस्थमा, पुरानी सर्दी-खांसी और गले के संक्रमण में बहुत लाभ होता है।
5. महिलाओं के लिए विशेष लाभ
पीरियड्स का दर्द: पीरियड्स के दौरान होने वाले गंभीर दर्द और ऐंठन (Cramps) को यह मिश्रण शांत करता है।
सेवन के लिए विशेष सुझाव:
सही समय: इसे हमेशा दोपहर के भोजन (Lunch) के समय खाना सबसे उत्तम है। रात में दही खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कफ बन सकता है।
मात्रा: एक कटोरी ताजे दही में लगभग 10-15 ग्राम (एक छोटा टुकड़ा) गुड़ मिलाकर खाएं।
सावधानी: अगर आपको डायबिटीज (Diabetes) है, तो गुड़ का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें, क्योंकि गुड़ भी अंततः शुगर का ही एक रूप है।
