Pradeep
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Pradeep
6 Просмотры · 2 месяцы тому назад

आज खामोश हूँ,
क्योंकि जवाब शब्दों में नहीं देना चाहता।

जिन हालातों ने मुझे छोटा समझा है,
उन्हीं के सामने बड़ा बनना अभी बाकी है।

मेरी खामोशी को कमज़ोरी मत समझना,
ये बस तैयारी है।

यह कविता मेरी स्वयं की रचना है।
Original Hindi Poetry | Self Read

Pradeep ki Kalam