Deepline_007
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Около
मैं वही लिखता हूँ जो ज़ोर से कह नहीं पाता। ये सिर्फ शायरी नहीं है, ये ज़िंदगी के सच, दर्द और अनुभव के टुकड़े हैं। हर पंक्ति कल्पना से नहीं, हकीकत से निकली है। जो गहराई से महसूस करता है, वही इन शब्दों को समझ पाएगा।
