101072880675651595475
101072880675651595475

101072880675651595475

      |      

Subscribers

   Liked videos

101072880675651595475
18 Views · 6 months ago

“कुछ जख्म दिखते नहीं, पर रोज़ दर्द देते हैं।”
“अब शिकायत भी खुद से ही है…”

101072880675651595475
16 Views · 6 months ago

⁣“कुछ जख्म दिखते नहीं, पर रोज़ दर्द देते हैं।”
“अब शिकायत भी खुद से ही है…”

Shivam
14 Views · 6 months ago

subscribe

kamalbaniya
12 Views · 6 months ago

यह कहानी है एक शरारती बंदर और समझदार दादी की, जहाँ मस्ती के साथ छुपा है एक सुंदर संदेश। जंगल के पास रहने वाली दादी और चंचल बंदर के बीच होने वाली मज़ेदार घटनाएँ बच्चों को हँसाएँगी और बड़ों को सोचने पर मजबूर कर देंगी। यह कहानी सिखाती है कि समझदारी, धैर्य और प्रेम से हर समस्या का हल निकाला जा सकता है। बच्चों के लिए रोचक, परिवार के लिए सीख देने वाली यह कहानी अंत तक बाँधे रखेगी।

Show more