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राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।

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4 Tampilan · 1 bulan yang lalu

राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।राधा स्वामी (Radha Soami) एक आध्यात्मिक आंदोलन और संप्रदाय है, जिसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के भारत में हैं। इसके बारे में मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
1. स्थापना और इतिहास
शुरुआत: इस संप्रदाय की स्थापना 1861 में आगरा में सेठ शिव दयाल सिंह जी महाराज (स्वामी जी महाराज) द्वारा की गई थी।
ब्यास केंद्र: राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह जी ने की थी, जो स्वामी जी महाराज के शिष्य थे।
2. मुख्य सिद्धांत और दर्शन
शब्द/नाम: यह मत 'सुरत शब्द योग' पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आत्मा ('सुरत') को आंतरिक आध्यात्मिक ध्वनि ('शब्द') के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना।

Ramesh
2 Tampilan · 2 bulan yang lalu

कभी_हंस_भी_लिया_करो___Son_Of_Sardar___इस_सीन_की_वजह_से_फिल्म_सुपरहिट_गयी_है___Ajay_Devgn,_Sonakshi(360p)

Ramesh
2 Tampilan · 2 bulan yang lalu

ये_दुश्मनी_मौत_से_ही_पूरी_होगी___CLIMAX___Son_Of_Sardaar___Ajay_Devgan___Sanjay_Dutt(360p)कभी_हंस_भी_लिया_करो___Son_Of_Sardar___इस_सीन_की_वजह_से_फिल्म_सुपरहिट_गयी_है___Ajay_Devgn,_Sonakshi(360p)

Ramesh
1 Tampilan · 2 bulan yang lalu

rajpootboyup22

Ramesh
2 Tampilan · 2 bulan yang lalu

दोस्तो के लिए एक विशेष

Ramesh
2 Tampilan · 2 bulan yang lalu

mrrameshraj

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3 Tampilan · 2 bulan yang lalu

Jay shree ram 8094145300

Ramesh
3 Tampilan · 2 bulan yang lalu

mrrameshraj

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