close

Important Announcement
Title, thumbnail ya video me agar abusing, adult ya sexually explicit content paya gaya to channel bina kisi warning ke permanent delete kar diya jayega. Yeh rule turant lagu hai. Ab tak 350+ channels delete kiye ja chuke hain. Kripya kisi bhi prakar ka adult ya abusive content upload na karein. Rule violate hone par channel bina bataye delete ho jayega.


— Team ApnaTube

Kratke hlače Stvoriti

virel video block

100207918959941924589

0

1

my name is ankur

Ankur Goswami

0

7

new viral vlog shorts

Jogender45

5

18

⁣वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार (Main Door) के लिए 32 पदों (विभाजनों) में से सही पद का चयन करना सुख-समृद्धि के लिए आवश्यक है। सबसे शुभ पद उत्तर में M3-M4 (सोमा/भल्लाट), पूर्व में E3-E4 (जयंत/इंद्र), दक्षिण में S3-S4 (विताथा/गृहक्षत), और पश्चिम में W5-W6 (सुग्रीव/पुष्पदंत) माने जाते हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा, धन और स्वास्थ्य लाते हैं।

दिशा और पद के अनुसार शुभ स्थान:

उत्तर (North): सबसे उत्तम। उत्तर-पूर्व की ओर (N3-N4) से लेकर केंद्र तक। इसमें सोमा (कुबेर स्थान) और भल्लाट (धन) पद आते हैं।
पूर्व (East): दूसरा सबसे अच्छा। उत्तर-पूर्व से पूर्व की दिशा में (जयंत और इंद्र पद)।
पश्चिम (West): पश्चिम दिशा के केंद्र के पास, विशेषकर सुग्रीव और पुष्पदंत पद।
दक्षिण (South): दक्षिण-पूर्व के पास, विताथा पद भी कुछ मामलों में शुभ माना जाता है, लेकिन अन्य दिशाओं को प्राथमिकता दी जाती है।

मुख्य द्वार के लिए वास्तु टिप्स:

आकार: मुख्य द्वार अन्य दरवाजों से बड़ा और मजबूत होना चाहिए।
खुलने की दिशा: दरवाजा दक्षिणावर्त (clockwise) अंदर की ओर खुलना चाहिए।
साफ-सफाई: द्वार के सामने गंदगी, कूड़ादान या खंभा नहीं होना चाहिए।
प्रकाश: प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, जो सकारात्मकता लाती है।

वर्जित पद:

मुख्य द्वार को बिल्कुल कोने (NE, NW, SE, SW) में बनाने से बचना चाहिए।
E8 (आकाश पद): यह पद आर्थिक नुकसान और चोरी का कारण बन सकता है।

ध्यान दें: यदि घर के बाहर कोई रास्ता या पैसेज है, तभी ये पद सही ढंग से काम करते हैं।

Namdev

0

6

love song

Nagma Zabi

1

4

सायरी

Nilu india

0

10